फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   The first laparoscopic surgery was done in the district hospital during the Kovid period

जिला अस्पताल में कोविड काल में हुई पहली लेप्रोस्कोपिक सर्जरी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:47 PM IST
विज्ञापन
The first laparoscopic surgery was done in the district hospital during the Kovid period
चंपावत जिला अस्पताल में दूरबीन विधि से हुआ पहला ऑपरेशन। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। चंपावत जिला अस्पताल में कोविड काल में पहली बार लेप्रोस्कोपिक सर्जरी हुई है। अपेंडिसाइटिस से पीड़ित एक बालिका का दो सर्जनों की टीम के नेतृत्व में ये सफल ऑपरेशन हुआ। पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बताया कि सर्जरी की कामयाबी के बाद अब बालिका को आईसीयू (सघन निगरानी केंद्र) में भर्ती किया गया है।
विज्ञापन

चंपावत के सेदोलबोरा गांव की हिमानी (18) को काफी समय से पेट में तेज दर्द हो रहा था। अल्ट्रासाउंड परीक्षण कराने पर अपेंडिसाइटिस होने की पुष्टि हुई। इसके लिए ऑपरेशन जरूरी था। तब अस्पताल ने लेप्रोस्कोपी के जरिये सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जन डॉ. राहुल चौहान और डॉ. हिमांशु पांडेय की टीम ने ये सफल सर्जरी की, जबकि इसमें रेडियोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप बिष्ट, पैथोलॉजिस्ट डॉ. राशी भटनागर, निश्चेतक डॉ. बैंकटेश द्विवेदी के अलावा सिस्टर बबीता, मनोज और ममता जोशी का खास सहयोग रहा।
विज्ञापन

आम सर्जरी की अपेक्षा लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में पेट में सिर्फ एक-चौथाई से आधा इंच तक चीरा लगाया जाता है, जबकि सामान्य सर्जरी में दो से तीन इंच तक चीरा लगाया जाता है। साथ ही इस तकनीक से दर्द भी नहीं होता है। लेप्रोस्कोप एक पतली सी ट्यूब होती है, जिसमें एक प्रकाश स्रोत और कैमरा लगा होता है। जो पेट के भीतर की तस्वीर को दर्शाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के लिए आए तीन कैप्सूल
चंपावत। चंपावत जिले के पहले ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की उलटी गिनती शुरू हो गई है। शनिवार को इस प्लांट के लिए तीन ऑक्सीजन सिलिंडिर (कैप्सूल) आ गए हैं। पीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि एक केप्सूल में 1.89 लाख लीटर ऑक्सीजन होती है। एक कैप्सूल में जंबो श्रेणी के 27 सिलिंडर के बराबर ऑक्सीजन होती है। इंजीनियरों की टीम इन केप्सूलों को पाइप लाइन से जोड़ ऑक्सीजन प्लांट शुरू करेगी। इस जेनरेशन प्लांट से 25 मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन दी जा सकेगी। चंपावत के जिला अस्पताल को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर बनाया गया है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि 66 बेड वाले इस अस्पताल में ऑक्सीजन के लिए 33 जंबो सहित कुल 108 सिलिंडर हैं, लेकिन इन्हें रीफिलिंग के लिए रुद्रपुर भेजा जाता है। इसमें देरी के साथ असुविधा भी होती है। (संवाद)
जिले में सात लोग मिले कोरोना पॉजिटिव
पिथौरागढ़। जिले में रविवार को सात लोग कोरोना पॉजिटिव मिले है, जबकि 13 संक्रमित लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं। इसके बाद सक्रिय मामले 201 हो गए हैं। जिले में कोरोना संक्रमण से 142 लोगों की मौत हो चुकी है। सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने बताया कि कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन सावधानी बरतने की पूरी जरूरत है। जरा सी लापरवाही संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती है। उन्होंने लोगों से मास्क पहनने के साथ ही सुरक्षित दूरी का पालन करने की अपील की है। (संवाद)

रविवार को बनबसा में नहीं निकला कोई कोरोना संक्रमित
बनबसा (चंपावत)। बनबसा में रविवार को कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला। नोडल अधिकारी डॉ. मो. उमर ने बताया कि रविवार को बनबसा में 63 एंटीजन टेस्ट किए गए, इनमें कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं निकला। बताया कि 12 आरटीपीसीआर टेस्ट हुए, जिनकी रिपोर्ट बाद में आएगी। उन्होंने बताया कि रविवार को बनबसा में 116 लोगों को टीके लगे। इनमें से बनबसा स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 77 और श्री पूर्णागिरि इंटर कॉलेज में 39 लोगों ने टीके लगवाए। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed