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जल स्तर में आई गिरावट
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:31 AM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। नगर, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। लोग गाड़-गधेरों का पानी पीने को मजबूर हैं। दूषित पानी पीने से नगर, ग्रामीण क्षेत्रों में अब पीलिया का भी प्रकोप शुरू हो गया है।
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लंबे समय से वर्षा न होने के चलते जलस्रोतों का पानी सूखने लगा है। नगर में लोगों को चौथे, पांचवें दिन पानी मिल रहा है। लोगों की पूरी निर्भरता हैंडपंपों, अक्कल धारे, नर्सरी गधेरे, रायचक्की स्थित नौले में हो गई है। रायचक्की के नौले में पानी भरने के लिए हर समय लोगों का तांता लग रहा है।
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लोग अपने बर्तनों को लाइन में लगाकर घंटों इंतजार करने के बाद पानी भरने को मजबूर हैं। पुलहिंडोला में गंभीर पेयजल संकट हो गया है। छह में से चार हैंडपंप खराब हैं, जबकि एक में पांच मिनट पानी आने के बाद वह बंद हो जा रहा है। एक हैंडपंप से ही क्षेत्र के लोग प्यास बुझा रहे हैं।
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यहां के लोगों की चरनौला गधेरे से प्यास बुझती थी, लेकिन उसका भी जल स्तर काफी कम हो गया है। लोग चार किमी दूर डुमडाई, खालगढ़, ढोरजा आदि से वाहनों के जरिए पानी ढो रहे हैं। गिरीश तिवारी, देवेंद्र पाटनी, शिवराज अधिकारी, नरेश पंत, हरीश पंत, एलएस भंडारी ने यहां निर्माणाधीन नलकूप को शीघ्र चालू कर पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है।