फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   The door of the bank is not near, how can the hope of the villages be fulfilled

पास नहीं बैंक का द्वार, कैसे पूरी हो गांवों की आस

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Nov 2022 12:16 AM IST
विज्ञापन
The door of the bank is not near, how can the hope of the villages be fulfilled
चंपावत। इस जिले में बैंकों की शाखाओं की कोई कमी नहीं है। चार ब्लॉक वाले चंपावत जिले में 17 बैंकों की कुल 62 शाखाएं हैं। इसके बावजूद तल्लापाल क्षेत्र के लोग बैंक तक पहुंचने के लिए 25 से 51 किमी दूर तक की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। तल्लापाल क्षेत्र में बैंक की शाखा खोलने की मांग को लेकर तल्लापाल विलौन संघर्ष समिति की ओर से राज्य स्थापना दिवस पर बुधवार से सूखीढांग के सेनानी द्वार के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
विज्ञापन

तल्लापाल के 13 (डांडा, ककनई, बुड़म, मथियाबांज, नौलापानी, झालाकुड़ी, धूरा, सिलाड़, सूखीढांग, बेतलाड़, श्यामलाताल, पोथ और कालीगूंठ) ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक की कोई सुविधा नहीं है। तल्लापाल विलौन संघर्ष समिति के संयोजक पंडित शंकर दत्त जोशी और सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी ने बताया कि क्षेत्र में 800 से अधिक पेंशनर्स और कार्मिकों सहित 14 हजार से अधिक की आबादी है। बैंक के काम के लिए यहां के लोगों को 25 किमी से 51 किमी तक की दौड़ लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन

इस कारण यहां के ग्रामीणों की दूसरे दिन घर वापसी हो पाती है। बैंक न होने से जनधन के खातों से लेकर पेंशन, छात्रवृत्ति या समाज कल्याण की योजनाओं का लाभ पाने के लिए पापड़ बेलने पड़ते हैं। समिति का कहना है कि बैंक की मांग को कई बार मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को ज्ञापन भेजे जा चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब क्षेत्र के लोग राज्य स्थापना दिवस से आंदोलन छेड़ने को बाध्य हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed