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खेतों को रोखड़ बना रहा है बारहमासी सड़क का मलबा
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चंपावत। निर्माणाधीन बारहमासी सड़क कटिंग का मलबा कई जगह नियमों को ताख पर रख डंपिंग जोन के बजाय अनियोजित तरीके से फेंके जाने का किसान खामियाजा भुगत रहे हैं। इससे अब कई जगह खेत फसल बोने लायक भी नहीं रह गए हैं। खेत काफी जगह मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं।
डंपिंग जोन के बाहर डाले गए सड़क कटिंग के मलबे ने बारिश होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। एनएच पर धौन, स्वांला, अमोड़ी, बंतोली, सिंगदा आदि गांवों में खेत मलबे से पटे हुए हैं। प्रभावित ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था एनएच खंड और काम करा रही कंपनियों पर मनमाने तरीके से सड़क कटिंग का मलबा फेंकने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। बंतोली के प्रधान नारायण सिंह, धौन के शंकर दत्त, स्वांला के पूर्णानंद का कहना है कि मलबा सीधे खाई में धकेला गया। इससे कई जगह गांवों के पैदल रास्ते, पेयजल स्रोत आदि पर भी असर पड़ा था। और अब बारिश के बाद सड़क कटिंग के मलबे ने खेतों को निशाने पर लिया है। इससे खेत में बोई गई फसल चौपट हो गई है।
एनएच पर जरूरत के हिसाब से डंपिंग जोन बनाए गए थे। डंपिंग जोन से बाहर मलबा फेंकने पर कंपनियों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई है। साथ ही कंपनियों को मलबे को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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एलडी मथेला, ईई, एनएच खंड, लोहाघाट।
काम करा रही कंपनियों पर कई बार लग चुका है जुर्माना
चंपावत। सड़क कटिंग के मलबे को डंपिंग जोन के बजाय दूसरी जगह फेंके जाने पर वन विभाग की ओर से काम करा रही कंपनियों पर अब तक 12 बार जुर्माना लगाया जा चुका है। वन क्षेत्राधिकारी हेम गहतोड़ी ने बताया कि नियमों के उल्लंघन पर कंपनियों से छह लाख छह हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। (संवाद)
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डंपिंग जोन के बाहर डाले गए सड़क कटिंग के मलबे ने बारिश होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। एनएच पर धौन, स्वांला, अमोड़ी, बंतोली, सिंगदा आदि गांवों में खेत मलबे से पटे हुए हैं। प्रभावित ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था एनएच खंड और काम करा रही कंपनियों पर मनमाने तरीके से सड़क कटिंग का मलबा फेंकने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। बंतोली के प्रधान नारायण सिंह, धौन के शंकर दत्त, स्वांला के पूर्णानंद का कहना है कि मलबा सीधे खाई में धकेला गया। इससे कई जगह गांवों के पैदल रास्ते, पेयजल स्रोत आदि पर भी असर पड़ा था। और अब बारिश के बाद सड़क कटिंग के मलबे ने खेतों को निशाने पर लिया है। इससे खेत में बोई गई फसल चौपट हो गई है।
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एनएच पर जरूरत के हिसाब से डंपिंग जोन बनाए गए थे। डंपिंग जोन से बाहर मलबा फेंकने पर कंपनियों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई है। साथ ही कंपनियों को मलबे को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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एलडी मथेला, ईई, एनएच खंड, लोहाघाट।
काम करा रही कंपनियों पर कई बार लग चुका है जुर्माना
चंपावत। सड़क कटिंग के मलबे को डंपिंग जोन के बजाय दूसरी जगह फेंके जाने पर वन विभाग की ओर से काम करा रही कंपनियों पर अब तक 12 बार जुर्माना लगाया जा चुका है। वन क्षेत्राधिकारी हेम गहतोड़ी ने बताया कि नियमों के उल्लंघन पर कंपनियों से छह लाख छह हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। (संवाद)