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बिना चले खराब हो गई आठ साल पहले खरीदी कांपैक्टर मशीन
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चंपावत की खराब कांपैक्टर मशीन। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। आठ लाख रुपये की लागत से खरीदी कांपैक्टर मशीन बिना चले खराब हो गई। नगर पालिका ने कांपैक्टर मशीन पॉलिथीन और प्लास्टिक को छोटा रूप देकर निस्तारित करने के लिए खरीदी थी मगर यह मशीन आठ बाद भी शुरू नहीं हो सकी।
चंपावत और आसपास के क्षेत्र से रोजाना करीब तीन टन पॉलिथीन और प्लास्टिक एकत्र होता है। इस पॉलिथीन और प्लास्टिक को एकत्र कर निस्तारित करने के लिए चंपावत-खेतीखान रोड पर चार किलोमीटर दूर कांपैक्टर मशीन लगाई गई थी। जुलाई 2014 में लगाई गई इस मशीन को चलाने के लिए नगर पालिका ने कुछ पर्यावरण मित्रों को प्रशिक्षित करने का दावा किया था लेकिन यह मशीन आठ साल बाद भी उपयोग में नहीं लाई जा सकी।
इस कारण कांपैक्टर से निकलने वाले प्लास्टिक को नगर विकास विभाग के हल्द्वानी स्थित प्लांट में न भेजे जाने से पालिका को कोई आय भी नहीं हुई। इधर, अब इस कांपैक्टर मशीन में तकनीकी खामी आ गई है। ईओ चंद्रशेखर शर्मा का कहना है कि कांपैक्टर मशीन खराब हो गई है। इसे ठीक कराने के लिए तकनीकी टीम को बुलाया जा रहा है। जल्द ही कांपैक्टर मशीन को ठीक कर शुरू कराया जाएगा।
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चंपावत और आसपास के क्षेत्र से रोजाना करीब तीन टन पॉलिथीन और प्लास्टिक एकत्र होता है। इस पॉलिथीन और प्लास्टिक को एकत्र कर निस्तारित करने के लिए चंपावत-खेतीखान रोड पर चार किलोमीटर दूर कांपैक्टर मशीन लगाई गई थी। जुलाई 2014 में लगाई गई इस मशीन को चलाने के लिए नगर पालिका ने कुछ पर्यावरण मित्रों को प्रशिक्षित करने का दावा किया था लेकिन यह मशीन आठ साल बाद भी उपयोग में नहीं लाई जा सकी।
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इस कारण कांपैक्टर से निकलने वाले प्लास्टिक को नगर विकास विभाग के हल्द्वानी स्थित प्लांट में न भेजे जाने से पालिका को कोई आय भी नहीं हुई। इधर, अब इस कांपैक्टर मशीन में तकनीकी खामी आ गई है। ईओ चंद्रशेखर शर्मा का कहना है कि कांपैक्टर मशीन खराब हो गई है। इसे ठीक कराने के लिए तकनीकी टीम को बुलाया जा रहा है। जल्द ही कांपैक्टर मशीन को ठीक कर शुरू कराया जाएगा।
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