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अब तक शुरू नहीं हुई बैंक की कैश डिपोजिट मशीन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 28 Nov 2016 10:20 PM IST
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बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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दो दिनों के अवकाश के बाद बैंक तो खुले, लेकिन लाइनें कम होने के बावजूद लोगों की परेशानी दूर नहीं हुई। छोटे नोटों की कमी सिरदर्द बनी हुई है। कई एटीएम मशीनें अब भी काम नहीं कर रही हैं। वहीं, एसबीआई की कैश डिपोजिट मशीन (सीडीएम) नोटबंदी शुरू होने के बाद से अब तक शुरू नहीं हो सकी है। जिला सहकारी बैंक ग्राहकों को रोजाना मात्र पांच हजार रुपए खाते से दे रहा है। वहीं सोमवार से 100 की करेंसी वाले एटीएम में 2500 रुपए मिलना भी शुरू हो गया है।
एसबीआई के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती का कहना है कि बैंक में लाइनें छोटी हो गई हैं। विवाह वाले खातेदार को आमंत्रण कार्ड दिखाने के साथ अन्य औपचारिकताएं पूरा करने पर ढाई लाख रुपए दिए जा रहे हैं। अब तक 37 लोगों को ये रकम दी जा चुकी है। एसबीआई के बाहर लगी सीडीएम के नहीं चलने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। ये मशीन 8 नवंबर के बाद से अब तक शुरू नहीं हो सकी है। पांगती ने कहा कि मशीन की खामी को दूर करने के साथ सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है। मंगलवार तक मशीन रुपए जमा करने और निकालना शुरू कर देगी। वहीं चंपावत के 15 एटीएम में से चार ही काम कर रहे हैं। बैंक अधिकारियों ने शेष एटीएम को जल्द अपडेट करने की बात कही है।
डीसीबी में दूर नहीं हुई दिक्कतें
चंपावत। पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक के जिले में 8 शाखाएं हैं। लेकिन 500 व 1000 के नोट स्वीकार करने पर आरबीआई द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बाद से यहां की स्थिति में सुधार नहीं आ सका है। बैंक के पास सोमवार सुबह करीब 50 लाख रुपए का कैश था। बैंक की स्थानीय शाखा के प्रबंधक गजेंद्र राणा का कहना है कि आम खातेदारों द्वारा रकम जमा कराने में कमी आई है। मात्र नगर पालिका की तहबाजारी और दुग्ध संघ के कुल मिलाकर करीब 1.5 लाख रुपए रोज जमा हो रहे हैं। बैंक एक खातेदार को एक बार में पांच हजार रुपए और सप्ताह में अधिकतम 20 हजार रुपए दे रहा है।
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40 फीसदी तक गिरा फल प्रसंस्करण उद्योग
चंपावत। जिले का फल प्रसंस्करण और अचार उद्योग नोटबंदी की मार झेल रहा है। तीन सप्ताह में फुटकर से लेकर थोक में करीब 40 प्रतिशत का नुकसान हो चुका है। जिले के प्रमुख उद्यमी श्रीराम फल संरक्षण केंद्र के स्वामी महेश चंद्र चौड़ाकोटी का कहना है कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर को अचार, मुरब्बा, जैम, चटनी आदि की सप्लाई वाहनों के जरिए होती थी। इन इलाकों में 15 दिन में करीब 30 क्विंटल की बिक्री होती थी। लेकिन नकदी की दिक्कत से यहां सामान भेजना बंद कर दिया गया है। जिन जगहों में सामान दिया गया है, वहां उधारी फंसी हुई है।
लोहाघाट के बैंकों में उमड़ी भीड़
लोहाघाट। सोमवार को बैंक खुलने पर लोगों की भीड़ उमड़ी। बैंकों में कैश उपलब्ध होने के चलते लोगों को कुछ राहत मिली। एसबीआई में सुबह से कैश जमा करने और निकालने वालों की भी भीड़ रही। शाखा प्रबंधक डमर सिंह पतियाल ने बताया कि उपभोक्ताओं को एक दिन में अधिकतम 20 हजार और सप्ताह में 24 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, नैनीताल बैंक, ग्रामीण बैंक, अल्मोड़ा अर्बन बैंकों में भी कैश की उपलब्धता के आधार पर उपभोक्ताओं को भुगतान किया गया। वहीं नगर क्षेत्र के डाकबंगला रोड में लगे एसबीआई के एटीएम में कैश निकालने के लिए लोगों की लाइन लगी रही। जबकि पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक के एटीएम बंद रहे।
एसबीआई के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती का कहना है कि बैंक में लाइनें छोटी हो गई हैं। विवाह वाले खातेदार को आमंत्रण कार्ड दिखाने के साथ अन्य औपचारिकताएं पूरा करने पर ढाई लाख रुपए दिए जा रहे हैं। अब तक 37 लोगों को ये रकम दी जा चुकी है। एसबीआई के बाहर लगी सीडीएम के नहीं चलने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। ये मशीन 8 नवंबर के बाद से अब तक शुरू नहीं हो सकी है। पांगती ने कहा कि मशीन की खामी को दूर करने के साथ सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है। मंगलवार तक मशीन रुपए जमा करने और निकालना शुरू कर देगी। वहीं चंपावत के 15 एटीएम में से चार ही काम कर रहे हैं। बैंक अधिकारियों ने शेष एटीएम को जल्द अपडेट करने की बात कही है।
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डीसीबी में दूर नहीं हुई दिक्कतें
चंपावत। पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक के जिले में 8 शाखाएं हैं। लेकिन 500 व 1000 के नोट स्वीकार करने पर आरबीआई द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बाद से यहां की स्थिति में सुधार नहीं आ सका है। बैंक के पास सोमवार सुबह करीब 50 लाख रुपए का कैश था। बैंक की स्थानीय शाखा के प्रबंधक गजेंद्र राणा का कहना है कि आम खातेदारों द्वारा रकम जमा कराने में कमी आई है। मात्र नगर पालिका की तहबाजारी और दुग्ध संघ के कुल मिलाकर करीब 1.5 लाख रुपए रोज जमा हो रहे हैं। बैंक एक खातेदार को एक बार में पांच हजार रुपए और सप्ताह में अधिकतम 20 हजार रुपए दे रहा है।
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40 फीसदी तक गिरा फल प्रसंस्करण उद्योग
चंपावत। जिले का फल प्रसंस्करण और अचार उद्योग नोटबंदी की मार झेल रहा है। तीन सप्ताह में फुटकर से लेकर थोक में करीब 40 प्रतिशत का नुकसान हो चुका है। जिले के प्रमुख उद्यमी श्रीराम फल संरक्षण केंद्र के स्वामी महेश चंद्र चौड़ाकोटी का कहना है कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर को अचार, मुरब्बा, जैम, चटनी आदि की सप्लाई वाहनों के जरिए होती थी। इन इलाकों में 15 दिन में करीब 30 क्विंटल की बिक्री होती थी। लेकिन नकदी की दिक्कत से यहां सामान भेजना बंद कर दिया गया है। जिन जगहों में सामान दिया गया है, वहां उधारी फंसी हुई है।
लोहाघाट के बैंकों में उमड़ी भीड़
लोहाघाट। सोमवार को बैंक खुलने पर लोगों की भीड़ उमड़ी। बैंकों में कैश उपलब्ध होने के चलते लोगों को कुछ राहत मिली। एसबीआई में सुबह से कैश जमा करने और निकालने वालों की भी भीड़ रही। शाखा प्रबंधक डमर सिंह पतियाल ने बताया कि उपभोक्ताओं को एक दिन में अधिकतम 20 हजार और सप्ताह में 24 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, नैनीताल बैंक, ग्रामीण बैंक, अल्मोड़ा अर्बन बैंकों में भी कैश की उपलब्धता के आधार पर उपभोक्ताओं को भुगतान किया गया। वहीं नगर क्षेत्र के डाकबंगला रोड में लगे एसबीआई के एटीएम में कैश निकालने के लिए लोगों की लाइन लगी रही। जबकि पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक के एटीएम बंद रहे।