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ठगों द्वारा खाते ऑनलाइन निकाली रकम बैक को जमा करनी पड़ी
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टनकपुर (चम्पावत)। बैंक खाता मैसेज अलर्ट सेवा से जुड़ा होने के बावजूद साइबर ठगों की ओर से बैंक खाते से उड़ाई गई रकम का मैसेज नहीं भेजना बैंक को भारी पड़ गया। ठगों द्वारा एक ग्राहक के खाते से ऑनलाइन उड़ाई गई 80 हजार रुपये की रकम बैंक को ग्राहक के खाते में जमा करनी पड़ी।
स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा के खाते से ऑनलाइन रकम उड़ाए जाने का यह मामला गत जनवरी माह का है। खाताधारक शहर के इमली पड़ाव निवासी मुस्तफा अंसारी पुत्र बशीर अहमद के स्टेट बैंक खाते से कुछ अज्ञात लोगों ने उसकी पहचान चोरी कर फर्जी आधार कार्ड का प्रयोग करते हुए अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन 10-10 हजार कर 80 हजार रुपये निकाल लिए थे। खाते को मैसेज अलर्ट सेवा से जोड़ने के बाद भी मुस्तफा के मोबाइल में रुपये निकालने का कोई मैसेज नहीं आया। इससे उन्हें अपने खाते से रुपये पये निकाले जाने का पता नहीं चल सका। मुस्तफा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। एसआई तेज कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने साइबर सैल की मदद से रुपये निकालने वालों की पहचान कर ली थी, जो दिल्ली और पश्चिमी बंगाल के थे, लेकिन कई जगह दबिश देने के बाद भी वे पुलिस के हाथ नहीं लगे।
जांच में बैंक की लापरवाही सामने आने के बाद एसपी लोकेश्वर सिंह ने बैंक शाखा प्रबंधक को पीड़ित ग्राहक की राशि वापस करने के लिए पत्राचार किया। एसपी ने बताया कि बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक से पत्राचार कर पीड़ित ग्राहक के खाते से निकाली गई 80 हजार रुपये की रकम उसके खाते में जमा करा दी है।
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स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा के खाते से ऑनलाइन रकम उड़ाए जाने का यह मामला गत जनवरी माह का है। खाताधारक शहर के इमली पड़ाव निवासी मुस्तफा अंसारी पुत्र बशीर अहमद के स्टेट बैंक खाते से कुछ अज्ञात लोगों ने उसकी पहचान चोरी कर फर्जी आधार कार्ड का प्रयोग करते हुए अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन 10-10 हजार कर 80 हजार रुपये निकाल लिए थे। खाते को मैसेज अलर्ट सेवा से जोड़ने के बाद भी मुस्तफा के मोबाइल में रुपये निकालने का कोई मैसेज नहीं आया। इससे उन्हें अपने खाते से रुपये पये निकाले जाने का पता नहीं चल सका। मुस्तफा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। एसआई तेज कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने साइबर सैल की मदद से रुपये निकालने वालों की पहचान कर ली थी, जो दिल्ली और पश्चिमी बंगाल के थे, लेकिन कई जगह दबिश देने के बाद भी वे पुलिस के हाथ नहीं लगे।
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जांच में बैंक की लापरवाही सामने आने के बाद एसपी लोकेश्वर सिंह ने बैंक शाखा प्रबंधक को पीड़ित ग्राहक की राशि वापस करने के लिए पत्राचार किया। एसपी ने बताया कि बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक से पत्राचार कर पीड़ित ग्राहक के खाते से निकाली गई 80 हजार रुपये की रकम उसके खाते में जमा करा दी है।
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