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थैंक यू सीडब्ल्यूसी, थैंक यू चाइल्ड लाइन...
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चंपावत। रीड्स संस्था की ओर से संचालित चाइल्ड लाइन 1098 सेवा एक बार फिर जरूरतमंद बच्चे के लिए मददगार साबित हुई है। पांच मई की शाम को प्राप्त कॉल के आधार पर चंपावत के ललुवापानी के पास से एक बच्चे को रेस्क्यू किया गया। बच्चे को चाइल्ड लाइन ने अपने संरक्षण में लेने के बाद जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया।
सीडब्ल्यूसी की ओर से चाइल्ड लाइन को बच्चे की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए। 13 वर्ष का बच्चा अपने घर से भागकर यहां तक पहुंचा, और घर जाने को लेकर परेशान है। चाइल्ड लाइन टीम की काउंसलिंग से पता चला कि बच्चा पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील का रहने वाला है। उसके आधार पर चाइल्ड लाइन टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के माध्यम से बच्चे के घर में संपर्क किया। पता चला कि बच्चे के परिजन खोजने के बावजूद कोई सुराग नहीं लगने से परेशान थे।
टीम की कॉल से उनको बेहद खुशी हुई कि उनका बच्चा सुरक्षित है। बृहस्पतिवार को उसके परिजन चंपावत चाइल्ड लाइन कार्यालय आए। प्रमाण प्रस्तुत करने के बाद टीम ने बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चे को बाल उपहार प्रदान करते हुए समझाया गया कि अभी पढ़ाई करने की उम्र है, इसलिए वह सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दें। चाइल्ड लाइन की परामर्शदाता पूजा लोहनी, सदस्य ललिता बोहरा और सीमा देवी ने बताया कि बच्चा पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। बच्चे को अपने पास पाते ही उसके पिता के आखों में आंसू आ गए और उन्होंने सीडब्ल्यूसी और चाइल्ड लाइन टीम को धन्यवाद अदा किया कि उनकी वजह से बच्चा सुरक्षित है।
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सीडब्ल्यूसी की ओर से चाइल्ड लाइन को बच्चे की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए। 13 वर्ष का बच्चा अपने घर से भागकर यहां तक पहुंचा, और घर जाने को लेकर परेशान है। चाइल्ड लाइन टीम की काउंसलिंग से पता चला कि बच्चा पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील का रहने वाला है। उसके आधार पर चाइल्ड लाइन टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के माध्यम से बच्चे के घर में संपर्क किया। पता चला कि बच्चे के परिजन खोजने के बावजूद कोई सुराग नहीं लगने से परेशान थे।
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टीम की कॉल से उनको बेहद खुशी हुई कि उनका बच्चा सुरक्षित है। बृहस्पतिवार को उसके परिजन चंपावत चाइल्ड लाइन कार्यालय आए। प्रमाण प्रस्तुत करने के बाद टीम ने बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चे को बाल उपहार प्रदान करते हुए समझाया गया कि अभी पढ़ाई करने की उम्र है, इसलिए वह सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दें। चाइल्ड लाइन की परामर्शदाता पूजा लोहनी, सदस्य ललिता बोहरा और सीमा देवी ने बताया कि बच्चा पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। बच्चे को अपने पास पाते ही उसके पिता के आखों में आंसू आ गए और उन्होंने सीडब्ल्यूसी और चाइल्ड लाइन टीम को धन्यवाद अदा किया कि उनकी वजह से बच्चा सुरक्षित है।
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