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बनबसा में भटकती मिली किशोरी
अमर उजाला ब्यूरो, बनबसा (चंपावत)।
Updated Tue, 12 Sep 2017 10:49 PM IST
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पुलिस को बनबसा में एक किशोरी भटकती मिली। किशोरी के रिश्तेदारों को सूचित कर पुलिस ने उसे स्थानीय रीड्स संस्था के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में रखा है। रिश्तेदारों के यहां पहुंचने पर पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और संस्था किशोरी को उनके सुपुर्द करेगी। सोमवार देर शाम पुलिस को करीब सोलह वर्षीय किशोरी बनबसा में भटकती मिली। पुलिस कर्मी उसे थाने ले आए।
थानाध्यक्ष राजेश पांडेय ने बताया कि पूछताछ के बाद किशोरी को रीड्स संस्था के पुनर्वास केंद्र में भिजवाया गया है। संस्था के परियोजना निदेशक जनक चंद ने बताया कि किशोरी मूलरूप से जौलजीबी पिथौरागढ़ की रहने वाली है। किशोरी ने बताया कि जौलजीबी निवासी कमला दताल ने उसे अपनी परिचित किसी महिला के घर चंदौसी संभल यूपी भिजवाया था। वह आठ-नौ वर्षों से वहीं घरेलू कार्य करती थी।
आरोप है कि वहां किशोरी को प्रताड़ित किया जाता था, इस कारण वह मौका पाकर बीते दिवस वहां से भागकर बनबसा पहुंची थी। बताया गया कि किशोरी के माता-पिता का काफी समय पहले देहांत हो चुका है। वह आठ भाई-बहन हैं, जो वर्तमान चकरपुर के पास रावत गांव में रहते हैं।
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थानाध्यक्ष राजेश पांडेय ने बताया कि पूछताछ के बाद किशोरी को रीड्स संस्था के पुनर्वास केंद्र में भिजवाया गया है। संस्था के परियोजना निदेशक जनक चंद ने बताया कि किशोरी मूलरूप से जौलजीबी पिथौरागढ़ की रहने वाली है। किशोरी ने बताया कि जौलजीबी निवासी कमला दताल ने उसे अपनी परिचित किसी महिला के घर चंदौसी संभल यूपी भिजवाया था। वह आठ-नौ वर्षों से वहीं घरेलू कार्य करती थी।
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आरोप है कि वहां किशोरी को प्रताड़ित किया जाता था, इस कारण वह मौका पाकर बीते दिवस वहां से भागकर बनबसा पहुंची थी। बताया गया कि किशोरी के माता-पिता का काफी समय पहले देहांत हो चुका है। वह आठ भाई-बहन हैं, जो वर्तमान चकरपुर के पास रावत गांव में रहते हैं।
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