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Champawat News: अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाकर प्रेरणा दे रहे शिक्षक दीपक

Tue, 18 Apr 2023 11:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Tue, 18 Apr 2023 11:54 PM IST
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Teacher motivates students.
अभिभावकों के तानों से मिली प्रेरणा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। एक दौर हुआ करता था जब सरकारी स्कूल पढ़ाई का एकमात्र साधन होते थे। अब समय के साथ बदलाव आया। आज छोटी-से-छोटी जगह पर भी निजी स्कूल हैं। वर्तमान में लोगों का रुझान सरकारी स्कूलों की अपेक्षा निजी स्कूलों की ओर अधिक है। यहां तक कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले अधिकांश शिक्षकों के बच्चे भी निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। ऐसे में जिले के एक शिक्षक ने अपने दोनों बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में कराकर उदाहरण पेश किया है।
गरुड़ विकासखंड के लखनी गांव निवासी दीपक प्रकाश वर्ष 2020 से जिले के अति दुर्गम विद्यालय राजकीय हाईस्कूल गोगिना में बतौर सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। वर्तमान में उनके पास विद्यालय के प्रधानाध्यापक का प्रभार है। उन्होंने चार साल पहले अपनी बेटी पूर्णिमा प्रियदर्शिनी का दाखिला राप्रावि लखनी में कराया। इस बार उन्होंने छोटी बेटी भूमिका प्रियदर्शनी का दाखिला भी उसी विद्यालय में कक्षा एक में कराया है।
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शिक्षक दीपक प्रकाश बताते हैं कि वर्ष 2013 में वह सरकारी विद्यालय में शिक्षक बने तो उनकी पहली तैनाती गंगोलीहाट (पिथौरागढ़) विकासखंड के दुर्गम स्थित बुसैल हाईस्कूल में हुई। वह लोगों से बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने की अपील करते थे तो अधिकांश लोग मना कर देते थे। कुछ अभिभावक ताना मारते थे कि सरकारी स्कूल के शिक्षक अपने बच्चों को तो निजी स्कूल में पढ़ाते हैं, दूसरों के बच्चों का प्रवेश सरकारी स्कूल में कराने के लिए घर-घर जा रहे हैं। उन्होंने तभी ठाना कि वह अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाएंगे। उनका बताया कि कक्षा पांच पास करने के बाद वह अपने बच्चों को अपने ही विद्यालय में पढ़ाएंगे।
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शिक्षक दीपक प्रकाश की पहल सराहनीय है। सरकारी विद्यालयों के शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाएंगे तो निश्चित ही लोगों को प्रेरणा मिलेगी और सरकारी विद्यालयों की छात्र संख्या में इजाफा होगा। -जीएस सौन, सीईओ, बागेश्वर।
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