{"_id":"62f148e724babc3c3c08da70","slug":"teacher-dies-in-suspicious-circumstances-champawat-news-hld471843992","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदिग्ध हालात में शिक्षक की मौत,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संदिग्ध हालात में शिक्षक की मौत,
विज्ञापन
शिक्षक प्रकाश वर्मा, फाइल फोटो
- फोटो : LOHAGHAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के मल्ला खोला निवासी शिक्षक की विद्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना का कारण पता नहीं चल सका।
शिक्षक प्रकाश लाल वर्मा (49) राजकीय हाईस्कूल सील बरूड़ी में तैनात थे। अति दुर्गम क्षेत्र के विद्यालय में तैनाती के कारण वह विद्यालय परिसर में ही रहते थे। ग्रामीणों ने रविवार को उन्हें कमरे में अचेत अवस्था में पड़ा देखा। उन्होंने इसकी सूचना परिजनों और अन्य शिक्षकों को दी। शिक्षक प्रकाश के मुंह से झाग निकला था। उन्होंने उल्टी भी की थी।
अति दुर्गम स्थल होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल पाया। इस कारण उनकी मौत हो गई। करीब छह किमी दुर्गम रास्तों को पार कर रविवार शाम परिजन विद्यालय पहुंचे। उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को रात में ही लोहाघाट मोर्चरी में पहुंचाया जहां सोमवार को डॉ. कृतिका सती, डॉ. अंकुश बाटला, डॉ. मोनिका गिरि के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। रामेश्वर घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया जहां उनके पुत्र नितिन वर्मा ने चिता को मुखाग्नि दी। विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के अध्यक्ष नगेंद्र जोशी, प्रह्लाद अधिकारी, हरीश वर्मा, राजू अधिकारी, दुर्गेश जोशी, रमेश जोशी, डॉ. योगेश चतुर्वेदी आदि ने शोक जताया है। संवाद
छह किमी चलना पड़ा पैदल
लोहाघाट (चंपावत)। करीब छह किमी लंबे दुर्गम पैदल रास्ते को पार कर मृतक शिक्षक का शव देर रात घर लाया गया। इसके लिए परिजनों और ग्रामीणों के साथ ही पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षक प्रकाश लाल वर्मा (49) राजकीय हाईस्कूल सील बरूड़ी में तैनात थे। अति दुर्गम क्षेत्र के विद्यालय में तैनाती के कारण वह विद्यालय परिसर में ही रहते थे। ग्रामीणों ने रविवार को उन्हें कमरे में अचेत अवस्था में पड़ा देखा। उन्होंने इसकी सूचना परिजनों और अन्य शिक्षकों को दी। शिक्षक प्रकाश के मुंह से झाग निकला था। उन्होंने उल्टी भी की थी।
अति दुर्गम स्थल होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल पाया। इस कारण उनकी मौत हो गई। करीब छह किमी दुर्गम रास्तों को पार कर रविवार शाम परिजन विद्यालय पहुंचे। उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को रात में ही लोहाघाट मोर्चरी में पहुंचाया जहां सोमवार को डॉ. कृतिका सती, डॉ. अंकुश बाटला, डॉ. मोनिका गिरि के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। रामेश्वर घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया जहां उनके पुत्र नितिन वर्मा ने चिता को मुखाग्नि दी। विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के अध्यक्ष नगेंद्र जोशी, प्रह्लाद अधिकारी, हरीश वर्मा, राजू अधिकारी, दुर्गेश जोशी, रमेश जोशी, डॉ. योगेश चतुर्वेदी आदि ने शोक जताया है। संवाद
विज्ञापन
छह किमी चलना पड़ा पैदल
लोहाघाट (चंपावत)। करीब छह किमी लंबे दुर्गम पैदल रास्ते को पार कर मृतक शिक्षक का शव देर रात घर लाया गया। इसके लिए परिजनों और ग्रामीणों के साथ ही पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ी। संवाद
विज्ञापन