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शिक्षक दिवस से संबंधित:खुद गरीबी से पढ़ा, और अब गरीब छात्रों के मददगार बन रहे आईआईटी प्रोफेसर बिष्ट
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शिक्षक दिवस:आईआईटी मद्रास के सीनियर प्रोफेसर प्रेमबल्लभ बिष्ट।
- फोटो : CHAMPAWAT
अभावों को शिकस्त दे संघर्ष की बदौलत कुलेठी गांव के एक साधारण व्यक्ति ने तकनीकी शिक्षा जगत में खुद तो ऊंचा मुकाम हासिल किया ही और अब वे दूसरे निर्धन छात्रों के लिए भी मददगार बन रहे हैं। अब तक उच्च तकनीकी शिक्षा के 31 निर्धन छात्रों को पुस्तक, परामर्श और हजारों रुपये की मदद दे चुके हैं।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में भौतिकी के सीनियर प्रोफेसर प्रेमबल्लभ बिष्ट के मार्गदर्शन में अब तक 11 छात्र पीएचडी और 34 छात्र बीटेक कर चुके हैं। अभाव को नजदीक से देख चुके प्रो.बिष्ट सिर्फ शिक्षण ही नहीं, उच्च शिक्षा में 31 छात्रों की अपने स्तर से मदद भी कर चुके हैं। बताते हैं कि महंगी होती पढ़ाई अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के कई बार आड़े आती है।
निर्धन वर्ग की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी सहयोग के साथ ही स्वयंसेवी स्तर पर भी मदद जरूरी है। प्रो.बिष्ट के बड़े भाई नैनीताल जिला अस्पताल के रिटायर्ड सीएमएस डॉ. जीबी बिष्ट बताते हैं कि बड़े भाई आईआईटी कानपुर से सेवानिवृत्त प्रो. एचडी बिष्ट के मार्गदर्शन में चलने वाली हिमवत्स संस्था के जरिए भी वे प्राथमिक सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को संवारने में सहयोग कर रहे हैं।
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इस वक्त हिमवत्स ने आठ सरकारी स्कूलों को गोद लिया है, जहां तकनीक के जरिए गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जा रही है।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में भौतिकी के सीनियर प्रोफेसर प्रेमबल्लभ बिष्ट के मार्गदर्शन में अब तक 11 छात्र पीएचडी और 34 छात्र बीटेक कर चुके हैं। अभाव को नजदीक से देख चुके प्रो.बिष्ट सिर्फ शिक्षण ही नहीं, उच्च शिक्षा में 31 छात्रों की अपने स्तर से मदद भी कर चुके हैं। बताते हैं कि महंगी होती पढ़ाई अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के कई बार आड़े आती है।
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निर्धन वर्ग की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी सहयोग के साथ ही स्वयंसेवी स्तर पर भी मदद जरूरी है। प्रो.बिष्ट के बड़े भाई नैनीताल जिला अस्पताल के रिटायर्ड सीएमएस डॉ. जीबी बिष्ट बताते हैं कि बड़े भाई आईआईटी कानपुर से सेवानिवृत्त प्रो. एचडी बिष्ट के मार्गदर्शन में चलने वाली हिमवत्स संस्था के जरिए भी वे प्राथमिक सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को संवारने में सहयोग कर रहे हैं।
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इस वक्त हिमवत्स ने आठ सरकारी स्कूलों को गोद लिया है, जहां तकनीक के जरिए गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जा रही है।