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स्वामी ऋषेश्वरानंद ने अन्न के बाद जल का भी किया त्याग
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लोहाघाट ऋषेश्वर मंदिर में आमरण अनशन में बैठे स्वामी ऋषेश्वरानंद।
- फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। ऋषेश्वर मंदिर परिसर में स्वामी मोहनानंद के शिष्य ऋषेश्वरानंद का आमरण अनशन 10वें दिन भी जारी रहा। ऋषेश्वरानंद ने अब अन्न के साथ जल का भी त्याग कर दिया है। न्याय न मिलने तक आमरण अनशन जारी रखने की बात कही। उन्होंने मंदिर समिति पर मंदिर की धर्मशाला में कब्जा करने का आरोप लगाया।
मंदिर के स्वामी मोहनानंद ने कहा कि पुलिस प्रशासन पर उनके साथ अन्याय कर रहा है। स्वामी का कहना है कि कुछ लोगों ने उनके आश्रम का बिजली का मीटर उखाड़ दिया है, हाईवे की जमीन में चेन डालकर उनके वाहन को अंदर आने से रोकने के साथ मंदिर परिसर में हरे देवदार वृक्षों को काटा गया है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस प्रशासन से की है। पुलिस प्रशासन चुपचाप बैठा हुआ है। शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मोहनानंद ने आरोप लगाया कि मंदिर समिति की ओर से उनके गीता भवन धर्मशाला में कब्जा कर नौ अगस्त को उसका उद्घाटन कराया जा रहा है, यदि पुलिस प्रशासन द्वारा इसे नहीं रोका गया तो वे अग्रि समाधि ले लेंगे। एसडीएम अनिल गर्ब्याल का कहना है कि मंदिर परिसर में देवदार के पेड़ अनुमति से काटे गए हैं, बिजली का मीटर ऋषेश्वर मंदिर के नाम पर है और चेन मंदिर परिसर में वाहनों के न जाने के लिए सुरक्षा के लिए लगाई गई है।
नौ अगस्त को होगा धर्मशाला का उद्घाटन
लोहाघाट (चंपावत)। ऋषेश्वर मंदिर में नौ अगस्त को नवनिर्मित धर्मशाला का शुभारंभ होगा। ऋषेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह मेहता ने बताया कि नौ अगस्त को नव निर्मित ऋषेश्वर भवन धर्मशाला का उद्घाटन होगा। सुबह लोहावती नदी के सूर्य कुंड में 12 गांव के देवडांगरों का स्नान होगा। मुख्य मंदिर में पूजा के बाद नवनिर्मित ऋषेश्वर भवन में विधिवत पूजा अर्चना होगी। हवन के बाद उद्घाटन किया जाएगा। मेहता ने बताया कि इस दौरान कन्या पूजन, देवडांगरों, पंडित, पुजारी, महंत और साधु संतों का सम्मान होगा। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। मेहता ने बताया कि कोरोना गाइड के अनुसार उद्घाटन कार्यक्रम किया जाएगा। (संवाद)
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मंदिर के स्वामी मोहनानंद ने कहा कि पुलिस प्रशासन पर उनके साथ अन्याय कर रहा है। स्वामी का कहना है कि कुछ लोगों ने उनके आश्रम का बिजली का मीटर उखाड़ दिया है, हाईवे की जमीन में चेन डालकर उनके वाहन को अंदर आने से रोकने के साथ मंदिर परिसर में हरे देवदार वृक्षों को काटा गया है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस प्रशासन से की है। पुलिस प्रशासन चुपचाप बैठा हुआ है। शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मोहनानंद ने आरोप लगाया कि मंदिर समिति की ओर से उनके गीता भवन धर्मशाला में कब्जा कर नौ अगस्त को उसका उद्घाटन कराया जा रहा है, यदि पुलिस प्रशासन द्वारा इसे नहीं रोका गया तो वे अग्रि समाधि ले लेंगे। एसडीएम अनिल गर्ब्याल का कहना है कि मंदिर परिसर में देवदार के पेड़ अनुमति से काटे गए हैं, बिजली का मीटर ऋषेश्वर मंदिर के नाम पर है और चेन मंदिर परिसर में वाहनों के न जाने के लिए सुरक्षा के लिए लगाई गई है।
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नौ अगस्त को होगा धर्मशाला का उद्घाटन
लोहाघाट (चंपावत)। ऋषेश्वर मंदिर में नौ अगस्त को नवनिर्मित धर्मशाला का शुभारंभ होगा। ऋषेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह मेहता ने बताया कि नौ अगस्त को नव निर्मित ऋषेश्वर भवन धर्मशाला का उद्घाटन होगा। सुबह लोहावती नदी के सूर्य कुंड में 12 गांव के देवडांगरों का स्नान होगा। मुख्य मंदिर में पूजा के बाद नवनिर्मित ऋषेश्वर भवन में विधिवत पूजा अर्चना होगी। हवन के बाद उद्घाटन किया जाएगा। मेहता ने बताया कि इस दौरान कन्या पूजन, देवडांगरों, पंडित, पुजारी, महंत और साधु संतों का सम्मान होगा। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। मेहता ने बताया कि कोरोना गाइड के अनुसार उद्घाटन कार्यक्रम किया जाएगा। (संवाद)
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