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चंपावत में जल्द सौ आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे अपने भवन
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पीएस बृजवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
- फोटो : CHAMPAWAT
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जिले में जल्द ही सौ आंगनबाड़ी केंद्रों को अपने भवन मिलेंगे। इसके लिए बाल विकास ने जमीन का सर्वे कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन बनेंगेे। प्राथमिक विद्यालयों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनाने के लिए वरीयता मिलेगी।
बाल विकास ने जिले में सौ आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। स्वीकृति मिलने के बाद चारों ब्लॉकों में आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाएगा। भवन नहीं होने से किराए और पंचायत घरों में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन नहीं होने से छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्राइमरी के साथ चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन बनाने के लिए पहली वरीयता मिलेगी।
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वर्तमान में चंपावत जिले में 20 आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन निर्माण का काम चल रहा है। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस बृजवाल का कहना है कि भूमि उपलब्ध आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए सर्वेक्षण कर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद पहली वरीयता में प्राइमरी स्कूल के साथ चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन निर्माण किया जाएगा।
मनरेगा से मिलेगी पांच लाख की धनराशि
चंपावत। आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन बनाने के लिए एक लाख की धनराशि भारत सरकार, 1.50 लाख की धनराशि राज्य सरकार और 5 लाख की धनराशि मनरेगा से मिलेगी।
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बाल विकास ने जिले में सौ आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। स्वीकृति मिलने के बाद चारों ब्लॉकों में आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाएगा। भवन नहीं होने से किराए और पंचायत घरों में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन नहीं होने से छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्राइमरी के साथ चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन बनाने के लिए पहली वरीयता मिलेगी।
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वर्तमान में चंपावत जिले में 20 आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन निर्माण का काम चल रहा है। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस बृजवाल का कहना है कि भूमि उपलब्ध आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए सर्वेक्षण कर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद पहली वरीयता में प्राइमरी स्कूल के साथ चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन निर्माण किया जाएगा।
मनरेगा से मिलेगी पांच लाख की धनराशि
चंपावत। आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन बनाने के लिए एक लाख की धनराशि भारत सरकार, 1.50 लाख की धनराशि राज्य सरकार और 5 लाख की धनराशि मनरेगा से मिलेगी।