फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Sugarcane Farming in Banbasa

गन्ना तोल न होने से किसानों में रोष

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Dec 2021 11:57 PM IST
विज्ञापन
Sugarcane Farming in Banbasa
बनबसा में गन्ना सेंटर में खड़ी गन्ना लदी ट्रालियां।संवाद - फोटो : TANAKPUR
बनबसा (चंपावत)। स्थानीय किसानों का गन्ना पिछले आठ दिन से खरीद केंद्र पर खड़ी करीब 27 ट्रॉलियों में ही सूख रहा है। इससे चिंतित किसान सितारगंज चीनी मिल प्रशासन एवं ट्रांसपोर्ट ठेकेदार से नाराज हैं। उन्होंने गन्ना तौल शीघ्र करने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

क्षेत्र में इस बार गन्ना खरीद केंद्र काफी देरी में खुला। इस कारण यहां से केवल छोटे-बड़े 11 ट्रकों से करीब सवा दो हजार क्विंटल गन्ना ही चीनी मिल भेजा गया है। क्षेत्र के प्रमुख गन्ना उत्पादक और चीनी मिल डेलीगेट गणेश प्रसाद मौर्य ने बताया कि पिछले आठ दिन से बनबसा में स्ट्रांगफार्म स्थित गन्ना तौल केंद्र से एक भी ट्रक गन्ना सितारगंज चीनी मिल को नहीं भेजा गया है। इस कारण तौल केंद्र पर गन्ना से भरी 30 से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉलियां आठ दिन से खड़ी हैं।
विज्ञापन

धूप में गन्ना सूख रहा है। क्षेत्र के गन्ना उत्पादक उस्मान खान, कैप्टन वीरेंद्र रजवार, युजिन जार्ज, रोनाल्ड फ्रांसिस, जगत सिंह मिताड़ी, खीम सिंह ने बताया कि गन्ना सूखने से किसानों समेत मिल को भी नुकसान होगा। वहीं स्थानीय गन्ना केंद्र प्रभारी इमरोज खान ने बताया कि ट्रांसपोर्ट ठेकेदार के श्रमिक न आने से केंद्र पर गन्ना लदी 27 ट्रॉलियां खड़ी हैं। उच्चाधिकारियों को बताया जा चुका है। शुक्रवार से किसी तकनीकी खामी के कारण चीनी मिल भी बंद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चीनी मिल संचालन में व्यवधान आने एवं श्रमिकों के घर चले जाने से बनबसा से गन्ना उठान नहीं हो पाया। आजकल में बनबसा से गन्ना उठान शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. राजीव कुमार, गन्ना प्रबंधक, सितारगंज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed