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इस कालेज में छात्र-छात्राएं जमीन बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर

Fri, 14 Jul 2017 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Fri, 14 Jul 2017 10:37 PM IST
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Students and students in this college are forced to sit and study
जीआईसी अमोड़ी के इन्हीं दो कक्षों में संचालित होता है अमोड़ी डिग्री कालेज। - फोटो : अमर उजाला

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दो साल पूर्व खोले गए चंपावत जिले के राजकीय महाविद्यालय अमोड़ी में न तो छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त जगह है, न ही फर्नीचर। इस कॉलेज के पढ़ रहे छात्र-छात्राएं जमीन में बैठकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राजकीय इंटर कॉलेज के दो दबड़ेनुमा कक्षों में संचालित हो रहे इस डिग्री कालेज में जगह और फर्नीचर की कमी के साथ-साथ शिक्षकों की कमी समेत कई समस्याएं भी है। सुविधाओं की कमी के चलते यहां के कई विद्यार्थी क्षेत्र में डिग्री कॉलेज होने के बाद भी उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 31 किमी दूर अमोड़ी और इससे लगे गावों के विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट की शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा ग्रहण करने में आ रही परेशानियों को देखते हुए दो साल पहले उत्तराखंड शासन द्वारा अमोड़ी में डिग्री कालेज खोला गया। इस कालेज खुलने से यहां के विद्यार्थियों में काफी उम्मीदें जगी थी। वह उम्मीद लगाए थे कि डिग्री कालेज खुलने से उन्हें बेहतर उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन अभी बेहतर उच्च शिक्षा का उनका सपना पूरा नहीं हो पाया है। स्थापित हुए दो साल बीतने के बाद भी अभी तक इस कालेज का न तो अपना भवन बन पाया है, इसमें सभी शिक्षकों की तैनाती हो पाई है। जगह अभाव के साथ-साथ फर्नीचर की व्यवस्था न होने से विद्यार्थियों को जमीन में बैठकर उच्च शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है।  
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पहले सत्र में पिछले साल इस महाविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष में 62 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया था। लेकिन इस वर्ष दूसरे सत्र में अभी तक यहां ऑनलाइन के जरिये प्रवेश के लिए महज 16 छात्र-छात्राओं ने ही आवेदन किया है। कालेज में स्नातक  स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, संस्कृत, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और शिक्षा शास्त्र विषय संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन वर्तमान में यहां हिंदी, अर्थशास्त्र और इतिहास विषय को छोड़कर बाकी अन्य विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। कक्षा कक्षों में जगह की कमी के चलते अधिकांश समय कक्षाएं बाहर बरामदे में बिना ब्लैक बोर्ड लगाई जाती हैं। वर्तमान में महाविद्यालय में प्राचार्य और एक स्थायी प्रवक्ता के साथ ही तीन संविदा प्रवक्ता और दो अनुसेवक कार्यरत हैं।
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ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया से छात्र परेशान
चंपावत। अमोड़ी महाविद्यालय चंपावत जिले का छठां महाविद्यालय है। इस बार महाविद्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमोड़ी में इंटरनेट सेवा नहीं होने तथा कमजोर मोबाइल सेवा के कारण प्रवेश चाहने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। वह चाहकर भी प्रवेश लेने के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

भवन निर्माण का कार्य रोकने से उहापोह की स्थिति
चंपावत। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों के उल्लंघन पर महाविद्यालय भवन का निर्माण कार्य करीब तीन माह पूर्व रोक दिया गया था। इससे महाविद्यालय में कक्षाओं के संचालन को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। इससे प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या सीमित हो रही है। अभिभावक दीपक सिंह बोहरा, नवीन चंद्र आदि का कहना है कि प्रशासन की ओर से भवन निर्माण में रोक  लगने की सूचना से छात्रों में असमंजस की स्थिति है।


कोट ..............

 इस बार स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू किए जाने से छात्र-छात्राओं के प्रवेश लेने की संख्या कम है।  वर्तमान में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, संस्कृत, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और शिक्षाशास्त्र विषय संचालित किए जा रहे हैं। फिलहाल कालेज का संचालन जीआईसी के कमरों में किया जा रहा है। जल्द ही कालेज का भवन निर्माण शुरू होना है।
डॉ. कमला जोशी, प्राचार्या राजकीय महाविद्यालय चंपावत
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