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छात्र संघ ने नारेबाजी कर फूंका चंपावत पीएमएस का पुतला
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चंपावत में जिला अस्पताल के पीएमएस का पुतला दहन करते छात्र नेता।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जिला अस्पताल में तथाकथित गुटबाजी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने पर जनाक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को छात्र नेताओं ने जिला अस्पताल के पीएमएस का पुतला फूंका। उन्होंने शासन से जिला अस्पताल के पीएमएस को हटाने की मांग उठाई।
छात्र नेताओं का कहना है जिला अस्पताल में जून माह में कार्यभार ग्रहण करने वाले सर्जन दंपति की तैनाती के बाद से अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं पटरी पर आने लगी हैं। लेकिन अस्पताल प्रबंधन के कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है। यहां तैनात नया डाक्टर दंपती दिन रात यहां की जनता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने पीएमएस को शीघ्र नहीं हटाए जाने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित कार्की, नाथ सिंह बोहरा, दीपांशु चतुर्वेदी, अंकित खर्कवाल, आकाश टम्टा, अभिषेक गंगोला, योगेश मेहरा शामिल थे।
कोट....
जिला अस्पताल के सर्जन को जो भी दिक्कतें थी वह दूर कर दी गई हैं। जिला अस्पताल में सभी प्रकार के मरीजों का उपचार किया जा रहा है और अस्पताल में किसी भी प्रकार की गुटबाजी नहीं चल रही है। अस्पताल में नए गायनी और सर्जन को कोई दिक्कतें हो तो तुरंत समाधान किया जाएगा।
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डॉ.आरके जोशी, पीएमएस, जिला अस्पताल, चंपावत ।
अस्पताल बंद होने को लेकर सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया तेज
लोहाघाट (चंपावत)। सरकारी अस्पताल के दो डॉक्टरों के एक निजी अस्पताल में सेवा देने के आरोप को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग नकार रहा है, मगर बेवजह प्रशासनिक व राजनीतिक दखल से आहत निजी अस्पताल ने शुक्रवार को अस्पताल बंद करने का एलान कर डाला। इसकी भनक लगने के बाद से सोशल मीडिया में प्रबंधन से अस्पताल बंद न करने का आग्रह किया गया है।
ज्यादातर लोगों ने सोशल मीडिया में अस्पताल के समर्थन में प्रतिक्रिया दी है। कहा कि इस निजी अस्पताल के बंद होने से लोहाघाट क्षेत्र को भारी नुकसान होगा। अस्पताल की ओर से गरीब व जरूरतमंदों का भी फ्री या किफायत में इलाज होता रहा है। लोगों ने कहा कि निजी अस्पताल की वजह से लोगों को बाहरी स्थानों की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही थी। लोहाघाट क्षेत्र के कई लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल के हाल बेहाल हैं, विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से छोटे-छोटे मामलों में लोगों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
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छात्र नेताओं का कहना है जिला अस्पताल में जून माह में कार्यभार ग्रहण करने वाले सर्जन दंपति की तैनाती के बाद से अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं पटरी पर आने लगी हैं। लेकिन अस्पताल प्रबंधन के कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है। यहां तैनात नया डाक्टर दंपती दिन रात यहां की जनता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने पीएमएस को शीघ्र नहीं हटाए जाने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित कार्की, नाथ सिंह बोहरा, दीपांशु चतुर्वेदी, अंकित खर्कवाल, आकाश टम्टा, अभिषेक गंगोला, योगेश मेहरा शामिल थे।
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कोट....
जिला अस्पताल के सर्जन को जो भी दिक्कतें थी वह दूर कर दी गई हैं। जिला अस्पताल में सभी प्रकार के मरीजों का उपचार किया जा रहा है और अस्पताल में किसी भी प्रकार की गुटबाजी नहीं चल रही है। अस्पताल में नए गायनी और सर्जन को कोई दिक्कतें हो तो तुरंत समाधान किया जाएगा।
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डॉ.आरके जोशी, पीएमएस, जिला अस्पताल, चंपावत ।
अस्पताल बंद होने को लेकर सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया तेज
लोहाघाट (चंपावत)। सरकारी अस्पताल के दो डॉक्टरों के एक निजी अस्पताल में सेवा देने के आरोप को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग नकार रहा है, मगर बेवजह प्रशासनिक व राजनीतिक दखल से आहत निजी अस्पताल ने शुक्रवार को अस्पताल बंद करने का एलान कर डाला। इसकी भनक लगने के बाद से सोशल मीडिया में प्रबंधन से अस्पताल बंद न करने का आग्रह किया गया है।
ज्यादातर लोगों ने सोशल मीडिया में अस्पताल के समर्थन में प्रतिक्रिया दी है। कहा कि इस निजी अस्पताल के बंद होने से लोहाघाट क्षेत्र को भारी नुकसान होगा। अस्पताल की ओर से गरीब व जरूरतमंदों का भी फ्री या किफायत में इलाज होता रहा है। लोगों ने कहा कि निजी अस्पताल की वजह से लोगों को बाहरी स्थानों की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही थी। लोहाघाट क्षेत्र के कई लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल के हाल बेहाल हैं, विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से छोटे-छोटे मामलों में लोगों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है।