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अंधड़ और ओलावृष्टि ने मचाई भारी तबाही
Fri, 07 Jun 2019 11:30 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Fri, 07 Jun 2019 11:30 PM IST
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टनकपुर में पेड़ से क्षतिग्रस्त झाले के मलवे में घर का सामान खोजते पीड़ित परिवार के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र में अंधड़ और ओलावृष्टि से क्षेत्र में काफी तबाही मचाई है। अंधड़ की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक लोगों के घरों की छतें उड़ गई। कई स्थानों पर बड़े बड़े पेड़ गिर गए। शहर के वार्ड तीन की बस्ती के झालों में सेमल का पेड़ गिरने से आठ झाले बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। एक वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, दो बच्चों को भी चोट आई है। घायल वृद्धा को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। अंधड़ आने के बाद से समूचे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप है, जो अभी तक सुचारु नहीं हो पाई है।
क्षेत्र में बृहस्पतिवार को देर सायं आए अंधड़ से काफी नुकसान हुआ है। अंधड से वार्ड तीन में लोनिवि कार्यालय के पीछे की बस्ती में सेमल का पेड़ झालों के ऊपर गिर गया। जिससे आठ परिवारों के झाले ध्वस्त हो गए। गनीमत रही कि अंधड़ आते ही इनमें रह रहे लोग घरों से बाहर निकल आए थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। पेड़ की चपेट में आने से नन्हे, ताहिर खान, नौसे खान, शमशाद, कसीर खान, शबरू बेगम, शंकर कुमार, अमजद खान के झाले क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा 75 वर्षीया वहिदन बेगम की रीढ़ की हड्डी फ्रैक्चर हो गई।
वहिदन बेगम को संयुक्त चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार कराने के बाद उसे खटीमा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा इरशाद का छह वर्षीय पुत्र ताहिब और नौ साल की पुत्री फातिमा को भी चोट आई है। अंधड़ से उचौलीगोठ बूम में नित्यानंद भट्ट के श्री मां पूर्णागिरि पेयजल प्लांट की छत उड़ गई। ककरालीगेट में दलीप सिंह बिष्ट, गैंड़ाखाली मेें नरेंद्र भंडारी, गंगा राम, सीता देवी के मकान की, नायकगोठ में जगदीश उप्रेती की गौशाला की छत, चल्थी में मोहन सिंह के होटल की छत भी अंधड़ से उड़ गई। अंधड़ से फलों को भी काफी नुकसान हुआ है। विचई, गैड़ाखाली, सैलानीगोठ, आमबाग, छीनीगोठ, थ्वालखेड़ा, उचौलीगोठ, बसानीगोठ, मनिहारगोठ में किसानों के बगीचों में चारों तरफ आम और लीची के फल झड़कर बिखर गए। बगीचा ठेकेदार मो. याकूब के मुताबिक पेड़ों में लगा करीब तीस प्रतिशत फल की क्षति हुई है।
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इधर बनबसा क्षेत्र में अंधड़ की चपेट में आने से पचपकरिया निवासी महेश भट्ट, गुदमी निवासी मोहन राम, आनंदपुर निवासी गोपाल सिंह, वार्ड संख्या एक निवासी ऊषा जैन, वार्ड संख्या छह निवासी सज्जाद हुसैन, सभासद देव कुमारी, शफीक, चूना भट्टा निवासी मोहन चंद, पंपापुर निवासी तेज राम, चंदनी निवासी गणेश सिंह आदि के घरों व गोेशालाओं को काफी नुकसान हुआ है। ग्रामप्रधान गीता देवी ने बताया कि आंबेडकर ग्राम फागपुर में नंदा देवी की झोपड़ी तूफान की चपेट में आने से उड़ गई। इसके अलावा टनकपुर के छीनगीगोठ में पूर्व प्रधान दिलीप राम, गैंड़ाखाली निवासी गंगा राम के घर की छत उड़ गई। कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बनबसा क्षेत्र में बृहस्पतिवार की रात से बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। जिसे अभी तक सुचारु नहीं किया जा सका है। बनबसा कैनाल गेट के समीप पेड़ गिरने से भारत नेपाल मार्ग करीब ढाई घंटे बाधित रहा।
पूर्णागिरि श्रद्धालुओं को झेलनी पड़ी परेशानी
टनकपुर। अंधड़ और ओलावृष्टि से मां पूर्णागिरि धाम में भी श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली गुल रहने रात के समय मेला क्षेत्र के ज्यादातर हिस्से में अंधकार छाया रहा। ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खड़ायत के मुताबिक अंधड़ से धाम क्षेत्र में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। ब्यूरो
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क्षेत्र में बृहस्पतिवार को देर सायं आए अंधड़ से काफी नुकसान हुआ है। अंधड से वार्ड तीन में लोनिवि कार्यालय के पीछे की बस्ती में सेमल का पेड़ झालों के ऊपर गिर गया। जिससे आठ परिवारों के झाले ध्वस्त हो गए। गनीमत रही कि अंधड़ आते ही इनमें रह रहे लोग घरों से बाहर निकल आए थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। पेड़ की चपेट में आने से नन्हे, ताहिर खान, नौसे खान, शमशाद, कसीर खान, शबरू बेगम, शंकर कुमार, अमजद खान के झाले क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा 75 वर्षीया वहिदन बेगम की रीढ़ की हड्डी फ्रैक्चर हो गई।
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वहिदन बेगम को संयुक्त चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार कराने के बाद उसे खटीमा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा इरशाद का छह वर्षीय पुत्र ताहिब और नौ साल की पुत्री फातिमा को भी चोट आई है। अंधड़ से उचौलीगोठ बूम में नित्यानंद भट्ट के श्री मां पूर्णागिरि पेयजल प्लांट की छत उड़ गई। ककरालीगेट में दलीप सिंह बिष्ट, गैंड़ाखाली मेें नरेंद्र भंडारी, गंगा राम, सीता देवी के मकान की, नायकगोठ में जगदीश उप्रेती की गौशाला की छत, चल्थी में मोहन सिंह के होटल की छत भी अंधड़ से उड़ गई। अंधड़ से फलों को भी काफी नुकसान हुआ है। विचई, गैड़ाखाली, सैलानीगोठ, आमबाग, छीनीगोठ, थ्वालखेड़ा, उचौलीगोठ, बसानीगोठ, मनिहारगोठ में किसानों के बगीचों में चारों तरफ आम और लीची के फल झड़कर बिखर गए। बगीचा ठेकेदार मो. याकूब के मुताबिक पेड़ों में लगा करीब तीस प्रतिशत फल की क्षति हुई है।
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इधर बनबसा क्षेत्र में अंधड़ की चपेट में आने से पचपकरिया निवासी महेश भट्ट, गुदमी निवासी मोहन राम, आनंदपुर निवासी गोपाल सिंह, वार्ड संख्या एक निवासी ऊषा जैन, वार्ड संख्या छह निवासी सज्जाद हुसैन, सभासद देव कुमारी, शफीक, चूना भट्टा निवासी मोहन चंद, पंपापुर निवासी तेज राम, चंदनी निवासी गणेश सिंह आदि के घरों व गोेशालाओं को काफी नुकसान हुआ है। ग्रामप्रधान गीता देवी ने बताया कि आंबेडकर ग्राम फागपुर में नंदा देवी की झोपड़ी तूफान की चपेट में आने से उड़ गई। इसके अलावा टनकपुर के छीनगीगोठ में पूर्व प्रधान दिलीप राम, गैंड़ाखाली निवासी गंगा राम के घर की छत उड़ गई। कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बनबसा क्षेत्र में बृहस्पतिवार की रात से बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। जिसे अभी तक सुचारु नहीं किया जा सका है। बनबसा कैनाल गेट के समीप पेड़ गिरने से भारत नेपाल मार्ग करीब ढाई घंटे बाधित रहा।
पूर्णागिरि श्रद्धालुओं को झेलनी पड़ी परेशानी
टनकपुर। अंधड़ और ओलावृष्टि से मां पूर्णागिरि धाम में भी श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली गुल रहने रात के समय मेला क्षेत्र के ज्यादातर हिस्से में अंधकार छाया रहा। ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खड़ायत के मुताबिक अंधड़ से धाम क्षेत्र में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। ब्यूरो