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Champawat News: चंपावत जिले में लगेगी प्रदेश की पहली वाइन फैक्टरी
Thu, 07 Dec 2023 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 07 Dec 2023 11:04 PM IST
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जिला आबकारी अधिकारी तपन कुमार पांडे।
चंद्रशेखर जोशी
चंपावत। उत्तराखंड की पहली वाइन फैक्टरी चंपावत जिले में लगाई जाएगी। निजी क्षेत्र में लगने वाली इस फैक्टरी के लिए आबकारी विभाग के अनुमोदन के बाद जिला प्रशासन की ओर से हरी झंडी मिल गई है। साथ ही पत्रावली आबकारी आयुक्त को भेजी गई है। फलों से निर्मित होने वाली वाइन में 11 से 13 प्रतिशत अल्कोहल होता है। इस फैक्टरी के संचालन से पहाड़ी फलों की खेती बढ़ने के साथ किसानों को भी अच्छे दाम मिलेंगे।
सिटरस, नाशपाती, अंगूर सहित कई फलों की चंपावत जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में बहुतायत पैदावार होती है। नींबू, सेब, कागजी नींबू, गलगल, माल्टा, संतरा और अंगूर का 3315 हेक्टेयर क्षेत्र में 5157 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। इसको देखते हुए वर्ष 2015 में चंपावत से 45 किमी दूर एनएच के किनारे सिन्याड़ी गांव में निजी क्षेत्र की बीयर फैक्टरी खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
भवन और उपकरण लगाने के बाद शासन स्तर से गठित तकनीकी टीम ने मुआयना भी किया था लेकिन बीयर उत्पादन की 2500 केएल की न्यूनतम क्षमता की शर्त पूरी नहीं होने से इसे हरी झंडी नहीं मिल सकी। अब निजी उद्यमी गोल्डन फन फूड्स बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड को बीयर के बजाय वाइन फैक्टरी के आवेदन की पत्रावली डीएम नवनीत पांडे ने आबकारी आयुक्त को भेजी है। फैक्टरी के लिए आधारभूत ढांचा, कच्चा माल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। शासन से उत्पादन लाइसेंस मिलने के बाद वाइन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। संवाद
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फैक्टरी से होगा ये लाभ
अंगूर, नाशपाती, सेब और सिटरस फल उत्पादकों को बाजार मिलने से बेहतर दाम मिलेंगे।
क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
ग्रामीण इलाके की कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी।
कोट
सिन्याड़ी में बीयर फैक्टरी के खारिज हो चुके प्रस्ताव के बाद निजी उद्यमी ने इसी स्थान पर वाइन फैक्टरी खोलने की इजाजत मांगी थी। वाइन फैक्टरी की प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मानचित्र और आबकारी निरीक्षक की रिपोर्ट के बाद डीएम ने कार्यवाही के लिए आबकारी आयुक्त को पत्र भेजा है। तकनीकी मुआयने और अन्य प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद शासन से उत्पादन का लाइसेंस जारी होगा। - तपन कुमार पांडे, जिला आबकारी अधिकारी, चंपावत।
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चंपावत। उत्तराखंड की पहली वाइन फैक्टरी चंपावत जिले में लगाई जाएगी। निजी क्षेत्र में लगने वाली इस फैक्टरी के लिए आबकारी विभाग के अनुमोदन के बाद जिला प्रशासन की ओर से हरी झंडी मिल गई है। साथ ही पत्रावली आबकारी आयुक्त को भेजी गई है। फलों से निर्मित होने वाली वाइन में 11 से 13 प्रतिशत अल्कोहल होता है। इस फैक्टरी के संचालन से पहाड़ी फलों की खेती बढ़ने के साथ किसानों को भी अच्छे दाम मिलेंगे।
सिटरस, नाशपाती, अंगूर सहित कई फलों की चंपावत जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में बहुतायत पैदावार होती है। नींबू, सेब, कागजी नींबू, गलगल, माल्टा, संतरा और अंगूर का 3315 हेक्टेयर क्षेत्र में 5157 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। इसको देखते हुए वर्ष 2015 में चंपावत से 45 किमी दूर एनएच के किनारे सिन्याड़ी गांव में निजी क्षेत्र की बीयर फैक्टरी खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
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भवन और उपकरण लगाने के बाद शासन स्तर से गठित तकनीकी टीम ने मुआयना भी किया था लेकिन बीयर उत्पादन की 2500 केएल की न्यूनतम क्षमता की शर्त पूरी नहीं होने से इसे हरी झंडी नहीं मिल सकी। अब निजी उद्यमी गोल्डन फन फूड्स बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड को बीयर के बजाय वाइन फैक्टरी के आवेदन की पत्रावली डीएम नवनीत पांडे ने आबकारी आयुक्त को भेजी है। फैक्टरी के लिए आधारभूत ढांचा, कच्चा माल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। शासन से उत्पादन लाइसेंस मिलने के बाद वाइन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। संवाद
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फैक्टरी से होगा ये लाभ
अंगूर, नाशपाती, सेब और सिटरस फल उत्पादकों को बाजार मिलने से बेहतर दाम मिलेंगे।
क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
ग्रामीण इलाके की कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी।
कोट
सिन्याड़ी में बीयर फैक्टरी के खारिज हो चुके प्रस्ताव के बाद निजी उद्यमी ने इसी स्थान पर वाइन फैक्टरी खोलने की इजाजत मांगी थी। वाइन फैक्टरी की प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मानचित्र और आबकारी निरीक्षक की रिपोर्ट के बाद डीएम ने कार्यवाही के लिए आबकारी आयुक्त को पत्र भेजा है। तकनीकी मुआयने और अन्य प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद शासन से उत्पादन का लाइसेंस जारी होगा। - तपन कुमार पांडे, जिला आबकारी अधिकारी, चंपावत।