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Champawat News: प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए चंपावत में स्टेडियम नहीं
Sun, 07 May 2023 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 07 May 2023 11:07 PM IST
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चंपावत। तीन मुख्यमंत्रियों की घोषणा के बावजूद जिला मुख्यालय में एक स्टेडियम नहीं है। इस कारण राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं हो पाता है। जमीन नहीं होने से चंपावत की सभी खेल गतिविधियां जीआईसी के गोरलचौड़ स्थित खेल मैदान में हो रही हैं। किशोर और युवाओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
चंपावत में 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी ने स्टेडियम बनाने का एलान किया था। उसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और हरीश रावत ने भी घोषणा की। तीन मुख्यमंत्रियों का एक एलान अभी तक मूर्त रूप नहीं ले सका है। 200 नाली निशुल्क जमीन नहीं मिल पाने से स्टेडियम नहीं बन सका है। इस वजह से चंपावत में सभी खेल गतिविधियां, प्रशिक्षण, प्रतियोगिता जीआईसी के गोरलचौड़ मैदान में होती है। जिले में सिर्फ टनकपुर में मिनी स्टेडियम है। लोहाघाट में स्टेडियम निर्माणाधीन है।
स्टेडियम के लिए चंपावत और उसके आसपास एकमुश्त 200 नाली जमीन नहीं मिलने से अड़चन आ रही है। गोरलचौड़ मैदान से लगी सेना की 77 नाली जमीन का हस्तांतरण का मामला भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है। इस कारण चंपावत में स्टेडियम नहीं बन पा रहा है।
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बीसी पंत, जिला क्रीड़ाधिकारी, चंपावत।
चौकी में बन रहा ग्रामीण खेल मैदान
चंपावत। स्टेडियम का सपना तो अधूरा है लेकिन चंपावत के पास के गांव चौकी में खेल मैदान बनेगा। युवा कल्याण विभाग ने इसके लिए 21 नाली जमीन को चयनित कर लिया गया है। इस खेल मैदान में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल आदि खेलों के प्रशिक्षण का मौका मिलेगा।
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चंपावत में 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी ने स्टेडियम बनाने का एलान किया था। उसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और हरीश रावत ने भी घोषणा की। तीन मुख्यमंत्रियों का एक एलान अभी तक मूर्त रूप नहीं ले सका है। 200 नाली निशुल्क जमीन नहीं मिल पाने से स्टेडियम नहीं बन सका है। इस वजह से चंपावत में सभी खेल गतिविधियां, प्रशिक्षण, प्रतियोगिता जीआईसी के गोरलचौड़ मैदान में होती है। जिले में सिर्फ टनकपुर में मिनी स्टेडियम है। लोहाघाट में स्टेडियम निर्माणाधीन है।
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स्टेडियम के लिए चंपावत और उसके आसपास एकमुश्त 200 नाली जमीन नहीं मिलने से अड़चन आ रही है। गोरलचौड़ मैदान से लगी सेना की 77 नाली जमीन का हस्तांतरण का मामला भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है। इस कारण चंपावत में स्टेडियम नहीं बन पा रहा है।
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बीसी पंत, जिला क्रीड़ाधिकारी, चंपावत।
चौकी में बन रहा ग्रामीण खेल मैदान
चंपावत। स्टेडियम का सपना तो अधूरा है लेकिन चंपावत के पास के गांव चौकी में खेल मैदान बनेगा। युवा कल्याण विभाग ने इसके लिए 21 नाली जमीन को चयनित कर लिया गया है। इस खेल मैदान में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल आदि खेलों के प्रशिक्षण का मौका मिलेगा।