फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Tanakpur-Pithoragarh National Highway disrupted third day, ambulance stuck

फिर थमी रफ्तार: टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार तीसरे दिन भी बाधित, एंबुलेंस भी फंसी, यात्री परेशान

Mon, 22 Aug 2022 04:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर/चंपावत।
संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर/चंपावत। Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Mon, 22 Aug 2022 04:02 PM IST
सार

सड़क बंद होने से चार दर्जन से अधिक वाहन फंस गए। बड़ी संख्या में यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मरीज को हल्द्वानी छोड़ कर लौट रही एक एंबुलेंस भी फंसी रही। टनकपुर से वाहनों को सड़क खुलने के बाद ही पहाड़ की ओर आने दिया गया। इधर चंपावत जिले की दो ग्रामीण सड़कें रविवार को भी बंद रहीं।

विज्ञापन
Tanakpur-Pithoragarh National Highway disrupted third day, ambulance stuck
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आठवें मील के पास आया मलबा और विशालकाय पेड़। संवाद न्यूज ? - फोटो : CHAMPAWAT

विस्तार

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) लगातार तीसरे दिन भी बाधित रहा। रविवार सुबह आठवें मील और स्वांला में मलबा आने से एनएच साढ़े पांच घंटे बंद रहा। पोकलैंड का पाइप फटने और वुडकटर के खराब होने से सड़क खोलने में एक घंटे का समय अधिक लगा।

विज्ञापन


वहीं सड़क बंद होने से चार दर्जन से अधिक वाहन फंस गए। इस कारण बड़ी संख्या में यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मरीज को हल्द्वानी छोड़ कर लौट रही एक एंबुलेंस भी फंसी रही। टनकपुर से वाहनों को सड़क खुलने के बाद ही पहाड़ की ओर आने दिया गया। इधर चंपावत जिले की दो ग्रामीण सड़कें रविवार को भी बंद रहीं।
विज्ञापन


टनकपुर से 12 किलोमीटर दूर आठवें मील पर सुबह करीब चार बजे दो पेड़ों के गिरने के साथ भारी मात्रा में मलबा आ गया इससे रास्ता बंद हो गया। इसके बाद सुबह 4:41 बजे स्वांला में भी मलबा आने से आवाजाही ठप हुई। स्वांला से मलबा छह बजे साफ कर लिया गया लेकिन आठवें मील से मलबा हटाने में लगी पोकलैंड मशीन का पाइप फटने से इसे ठीक करने में समय लगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी

यह पाइप ठीक हुआ तभी सड़क पर पड़े पेड़ को काटने वाली वुडकटर ने जवाब दे दिया। इसके ठीक नहीं होने पर वन दरोगा रेवाधर जोशी ने टनकपुर से दूसरी मशीन मंगवा कर पेड़ कटवाया। अलबत्ता इस कवायद में एक घंटे का समय और लगा। सुबह साढ़े नौ बजे मलबा हटा कर आवाजाही सुचारु की गई।

उधर सड़क बंद होने पर टनकपुर से पहाड़ की ओर आने वालों को ककरालीगेट पर ही रोक दिया गया जबकि पहाड़ से मैदान को जाने वाले चार दर्जन से अधिक छोटे-बड़े वाहनों के रास्ते में फंसने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासन के किसी अधिकारी के मौके पर नहीं होने होने से यात्रियों के लिए पानी आदि की व्यवस्था भी नहीं की जा सकी।

ये भी पढ़ें...आपदा के निशां: तबाही के मंजर के बीच आंसुओं का सैलाब, रोते परिजन बोले- हमारे अपनों के शव दिला दो और कुछ न चाहिए

तीन दिन बंद हुआ एनएच
19 अगस्त : दोपहर 2:06 बजे से रात आठ बजे तक और उसके बाद रात नौ बजे से रातभर आवाजाही बंद रही।
20 अगस्त : सुबह छह बजे से साढ़े नौ बजे तक।
21 अगस्त : सुबह 4:10 बजे से 9:35 बजे तक।
चंपावत जिले की बंद सड़कें
कजीना-पुनौली और सिप्टी-अमकड़िया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed