{"_id":"60563ce18ebc3e8d04729220","slug":"so-the-first-step-to-make-maa-purnagiri-dham-a-trust-tanakpur-news-hld418949371","type":"story","status":"publish","title_hn":"तो मां पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने के लिए पहला कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तो मां पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने के लिए पहला कदम
विज्ञापन
एसडीएम हिमांशु कफल्टिया को ज्ञापन सौंपते मां पूर्णागिरि धाम के पुजारी।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। धाम को ट्रस्ट बनाने की सैद्धांतिक सहमति देते हुए सरकार ने इसके परीक्षण और भावी रूपरेखा के लिए कमेटी गठित करने के आदेश जारी किए हैं।
डीएम विनीत तोमर ने एडीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी धाम को ट्रस्ट का रूप देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। साथ ही कमेटी पुजारियों, मेला समिति, मेला व्यापारियों, अब तक आयोजक रही जिला पंचायत सहित मां पूर्णागिरि धाम से संबंधित सभी पक्षों से मंत्रणा करेगी।
कमेटी के अध्यक्ष एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि जल्द ही कमेटी कार्यवाही शुरू कर देगी। बता दें कि स्थानीय निवासी नरेश सकारी ने मां पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने के लिए 30 अप्रैल 2019 को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिस पर न्यायालय ने प्रदेश सरकार को ट्रस्ट पर अपनी राय बताने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
समिति में ये अधिकारी हैं शामिल
एडीएम की अध्यक्षत में गठित मां पूर्णागिरि धाम ट्रस्ट अध्ययन समिति में एडीएम के अलावा जिला पर्यटन अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और पूर्णागिरि तहसील के एसडीएम बतौर सदस्य शामिल हैं।
ट्रस्ट के विरोध में उतरे पूर्णागिरि धाम के पुजारी
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम ट्रस्ट के लिए सरकार की ओर से कवायद तेज होने के बाद धाम के पुजारी ट्रस्ट के विरोध में उतर आए हैं। शनिवार को उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर धाम को ट्रस्ट बनाने की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है।
मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय और समिति के पूर्व अध्यक्ष पं. किशन तिवारी की अगुवाई में धाम के पुजारियों का शिष्टमंडल शनिवार को तहसील पहुंचा।
उन्होंने एसडीएम हिमांशु कफल्टिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि मां पूर्णागिरि तिवारी और पांडेय पुरोहितों की ईष्ट देवी है। प्राचीन काल से ही हमारे पूर्वजों ने पूर्णागिरि धाम को संवारकर इसकी ख्याति को विश्व भर में प्रसिद्ध किया है। धीरे-धीरे माता पूर्णागिरि प्रसिद्ध हुआ और आस्था के कारण श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ने लगी। तक से लेकर अब तक तिवारी और पांडेय पुरोहितों के एक हजार से अधिक परिवार मां पूर्णागिरि की सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि पुजारी परिवार अपनी नाप और नाप भूमि से लगी जमीनों पर स्थायी व अस्थायी धर्मशालाओं का निर्माण कर दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को रात्रि विश्राम, शौचालय, पेयजल आदि व्यवस्थाएं निशुल्क मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने पुजारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट की कार्यवाही रोके जाने का आग्रह किया है। ट्रस्ट के विरोध में ज्ञापन देने वाले पुजारियों के शिष्ट मंडल में मंदिर समिति अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष के अलावा समिति उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, सचिव गिरीश पांडेय, कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय, महेश चंद्र पांडेय, कमलापति पांडेय, खीमानंद, बीडीसी सदस्य रवि शंकर पांडेय, पूरन पांडेय, सूरज पांडेय, सुभाष पांडेय, हीरा बल्ल्भ, हेम चंद्र पांडेय, गोवर्धन पांडेय, सुरेश पांडेय, मनोज पांडेय आदि शामिल थे।
विज्ञापन
डीएम विनीत तोमर ने एडीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी धाम को ट्रस्ट का रूप देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। साथ ही कमेटी पुजारियों, मेला समिति, मेला व्यापारियों, अब तक आयोजक रही जिला पंचायत सहित मां पूर्णागिरि धाम से संबंधित सभी पक्षों से मंत्रणा करेगी।
विज्ञापन
कमेटी के अध्यक्ष एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि जल्द ही कमेटी कार्यवाही शुरू कर देगी। बता दें कि स्थानीय निवासी नरेश सकारी ने मां पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने के लिए 30 अप्रैल 2019 को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिस पर न्यायालय ने प्रदेश सरकार को ट्रस्ट पर अपनी राय बताने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
समिति में ये अधिकारी हैं शामिल
एडीएम की अध्यक्षत में गठित मां पूर्णागिरि धाम ट्रस्ट अध्ययन समिति में एडीएम के अलावा जिला पर्यटन अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और पूर्णागिरि तहसील के एसडीएम बतौर सदस्य शामिल हैं।
ट्रस्ट के विरोध में उतरे पूर्णागिरि धाम के पुजारी
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम ट्रस्ट के लिए सरकार की ओर से कवायद तेज होने के बाद धाम के पुजारी ट्रस्ट के विरोध में उतर आए हैं। शनिवार को उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर धाम को ट्रस्ट बनाने की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है।
मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय और समिति के पूर्व अध्यक्ष पं. किशन तिवारी की अगुवाई में धाम के पुजारियों का शिष्टमंडल शनिवार को तहसील पहुंचा।
उन्होंने एसडीएम हिमांशु कफल्टिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि मां पूर्णागिरि तिवारी और पांडेय पुरोहितों की ईष्ट देवी है। प्राचीन काल से ही हमारे पूर्वजों ने पूर्णागिरि धाम को संवारकर इसकी ख्याति को विश्व भर में प्रसिद्ध किया है। धीरे-धीरे माता पूर्णागिरि प्रसिद्ध हुआ और आस्था के कारण श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ने लगी। तक से लेकर अब तक तिवारी और पांडेय पुरोहितों के एक हजार से अधिक परिवार मां पूर्णागिरि की सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि पुजारी परिवार अपनी नाप और नाप भूमि से लगी जमीनों पर स्थायी व अस्थायी धर्मशालाओं का निर्माण कर दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को रात्रि विश्राम, शौचालय, पेयजल आदि व्यवस्थाएं निशुल्क मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने पुजारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट की कार्यवाही रोके जाने का आग्रह किया है। ट्रस्ट के विरोध में ज्ञापन देने वाले पुजारियों के शिष्ट मंडल में मंदिर समिति अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष के अलावा समिति उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, सचिव गिरीश पांडेय, कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय, महेश चंद्र पांडेय, कमलापति पांडेय, खीमानंद, बीडीसी सदस्य रवि शंकर पांडेय, पूरन पांडेय, सूरज पांडेय, सुभाष पांडेय, हीरा बल्ल्भ, हेम चंद्र पांडेय, गोवर्धन पांडेय, सुरेश पांडेय, मनोज पांडेय आदि शामिल थे।