{"_id":"691a0835ae8851e4d0090829","slug":"silk-production-will-start-in-champawat-district-from-april-2026-champawat-news-c-229-1-shld1026-131936-2025-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: चंपावत जिले में अप्रैल 2026 से होगा रेशम उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: चंपावत जिले में अप्रैल 2026 से होगा रेशम उत्पादन
Sun, 16 Nov 2025 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 16 Nov 2025 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंकज पाठक
चंपावत। जिले में रेशम उत्पादन को पंख लगने की उम्मीद बढ़ गई है। विभाग की ओर से बाराकोट ब्लॉक में रेशम कीट का उत्पादन किया जाएगा। अप्रैल 2026 में रेशम उत्पादन विभाग के माध्यम से 120 काश्तकार रेशम उत्पादन करेंगे।
विभाग ने ट्रायल फेज में 45 किलो रेशम उत्पादन का लक्ष्य रखा है। बाराकोट में लाखों की लागत से कीट भवन का निर्माण कर दिया गया है। जल्द ही पाटी ब्लॉक में कीट भवन बनेगा। चंपावत जिला रेशम बोर्ड के प्रभारी जीवन चंद्र खर्कवाल ने बताया कि समूहों के माध्यम से जुड़े काश्तकारों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। भविष्य में काश्तकारों को दवा, कीट और अन्य उपकरण विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस बार 20 लोगों को रीप और 100 को केंद्रीय रेशम बोर्ड की मदद से कीट पालन के लिए कीट भवन दिया जाएगा। इसके लिए 80 फीसदी केंद्रीय रेशम बोर्ड और 10 फीसदी राज्य का अंशदान होगा। जल्द ही पाटी ब्लॉक में भी कीट भवन खोला जाएगा। संवाद
विज्ञापन
—
305 किसान जुड़े हैं रेशम बोर्ड
विभाग के कनिष्ठ सहायक विनोद मेहरा ने बताया कि वर्तमान में रेशम बोर्ड से 305 किसान जुड़े हैं। इन सभी को विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण की बारीकियां दी गई हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व उपनिदेशक रेशम कुमाऊं मंडल हेम चंद्र ने बाराकोट और पाटी में रेशम फार्म का निरीक्षण कर जायजा लिया था।
कोट
केंद्रीय रेशम बोर्ड की मदद से जनपद में सिल्क समग्र दो योजना का क्रियान्वयन किया गया है। इसके तहत रेशम कृषकों को कीट पालन का प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कर रेशम उत्पादन का कार्य कराया जाएगा। - हेम चंद्र, उपनिदेशक रेशम कुमाऊं मंडल
विज्ञापन
चंपावत। जिले में रेशम उत्पादन को पंख लगने की उम्मीद बढ़ गई है। विभाग की ओर से बाराकोट ब्लॉक में रेशम कीट का उत्पादन किया जाएगा। अप्रैल 2026 में रेशम उत्पादन विभाग के माध्यम से 120 काश्तकार रेशम उत्पादन करेंगे।
विभाग ने ट्रायल फेज में 45 किलो रेशम उत्पादन का लक्ष्य रखा है। बाराकोट में लाखों की लागत से कीट भवन का निर्माण कर दिया गया है। जल्द ही पाटी ब्लॉक में कीट भवन बनेगा। चंपावत जिला रेशम बोर्ड के प्रभारी जीवन चंद्र खर्कवाल ने बताया कि समूहों के माध्यम से जुड़े काश्तकारों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। भविष्य में काश्तकारों को दवा, कीट और अन्य उपकरण विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस बार 20 लोगों को रीप और 100 को केंद्रीय रेशम बोर्ड की मदद से कीट पालन के लिए कीट भवन दिया जाएगा। इसके लिए 80 फीसदी केंद्रीय रेशम बोर्ड और 10 फीसदी राज्य का अंशदान होगा। जल्द ही पाटी ब्लॉक में भी कीट भवन खोला जाएगा। संवाद
विज्ञापन
—
305 किसान जुड़े हैं रेशम बोर्ड
विभाग के कनिष्ठ सहायक विनोद मेहरा ने बताया कि वर्तमान में रेशम बोर्ड से 305 किसान जुड़े हैं। इन सभी को विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण की बारीकियां दी गई हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व उपनिदेशक रेशम कुमाऊं मंडल हेम चंद्र ने बाराकोट और पाटी में रेशम फार्म का निरीक्षण कर जायजा लिया था।
कोट
केंद्रीय रेशम बोर्ड की मदद से जनपद में सिल्क समग्र दो योजना का क्रियान्वयन किया गया है। इसके तहत रेशम कृषकों को कीट पालन का प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कर रेशम उत्पादन का कार्य कराया जाएगा। - हेम चंद्र, उपनिदेशक रेशम कुमाऊं मंडल