फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   SDM starts investigation in readmission fees case

रिएडमिशन फीस मामले में एसडीएम ने शुरू की जांच

Mon, 22 May 2017 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। Updated Mon, 22 May 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
SDM starts investigation in readmission fees case
चंपावत एंजिल्स एकेडमी स्कूल में एसडीएम की मौजूदगी में एक दूसरे से उलझते अभिभावक और शिक्षक। - फोटो : amar ujala
जिला मुख्यालय में रिएडमिशन फीस वसूले जाने वाले मामले की जांच जारी है। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने एंजिल्स एकेडमी पब्लिक स्कूल पहुंच दस्तावेजों की जांच की। जांच में मात्र दो अभिभावकों के मौजूद होने से एसडीएम ने सभी के बयान लेने के लिए स्कूल प्रशासन को सभी अभिभावकों की बैठक कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


मामले की जांच के लिए सोमवार को एसडीएम सदर पब्लिक स्कूल पहुंची। एसडीएम ने बताया कि अभिलेखों में कहीं भी रिएडमिशन फीस लिए जाने का जिक्र नहीं है, लेकिन स्कूल प्रशासन द्वारा ली जा रही फीस किस मद में ली जा रही है उसका जिक्र नहीं किया गया है। उनका कहना है कि आरटीआई से इसका पता लगाया जा सकता है। एसडीएम का कहना है कि इसके लिए सभी प्राइवेट विद्यालयों को पत्र लिखा जाएगा। 
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रशासन ने बीते तीन साल से फीस में बढ़ोत्तरी नहीं की थी। बीते अप्रैल माह में अभिभावकों के बीच हुई बैठक में फीस बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन फीस कितनी बढ़ाई जाएगी इस बात का कोई जिक्र नहीं किया गया। मामले की पूरी जांच के लिए एसडीएम ने खुद की मौजूदगी में सभी अभिभावकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। इस मौके पर प्रधानाचार्य ममता पांडेय, कैलाश जोशी, टीकाराम नाथ आदि मौजूद थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायतकर्ता के साथ की गई तीखी नोंक-झोंक
चंपावत। जांच के दौरान एसडीएम की मौजूदगी में स्कूल की अध्यक्ष खीमा थ्वाल के पति न्याय पंचायत समन्वयक बंशीधर थ्वाल और शिकायतकर्ता कैलाश जोशी के बीच तीखी नोंक झोंक हुई। न्याय समन्वयक स्कूल का पक्ष ले रहे थे।


इस पर एसडीएम का कहना था कि न्याय पंचायत समन्वयक अपने तैनाती स्थल को छोड़ किन परिस्थितियों में स्कूल पहुंचे, इसके लिए उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। उधर बंशीधर थ्वाल का कहना है कि वे बीआरसी में ट्रेनिंग में गए थे, लेकिन घर में रह गए वेतन संशोधन रिजस्टर लेने पहुंचे तो वहां एसडीएम जांच के लिए पहुंची थी, इसलिए वो भी वहां रुक गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed