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एसबीआई से दूसरे बैंकों को मिल रहे महज दस लाख रुपए
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Thu, 01 Dec 2016 10:48 PM IST
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बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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दिसंबर के पहले दिन भी बैंकों की हालत खस्ता रही। एसबीआई को छोड़ ज्यादातर दूसरे बैंकों के पास पर्याप्त नगदी का संकट बना हुआ है। एसबीआई तमाम बैंकों को दस लाख रुपए ही दे रहा है। वहीं एटीएम से मात्र दो हजार रुपए का नोट ही मिल पाने से यहां लोगों को 2500 रुपए के बजाय मात्र 2000 रुपए ही मिल पा रहे हैं। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती ने बताया कि यहां नौकरी पेशा और पेंशनर्स के लिए भुगतान की चाक-चौबंद व्यवस्था है। अलबत्ता आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक प्रति सप्ताह 24 हजार रुपए ही निकाले जा सकेंगे।
पीएनबी के शाखा प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया कि शाखा में उपलब्ध नगदी को देखते हुए आमतौर पर खाताधारक को 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। वहीं मत्स्यपालक नारायण राम और प्रेम राम को मजदूरों को भुगतान करने के लिए 17 हजार रुपए चाहिए थे, लेकिन बैंक से उन्हें 10 हजार ही मिल सके। पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक को भी कैश चेस्ट से 10 लाख रुपए ही दिए गए। वहीं मुख्यालय में 15 में से मात्र सात एटीएम ही बृहस्पतिवार को सुचारु हुए। एक को छोड़कर किसी में भी 100 का नोट नहीं था।
जिला सहकारी बैंक में कैश की भारी कमी के चलते उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कैश की कमी के चलते दो हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है। प्रभारी शाखा प्रबंधक हिमांशु जोशी का कहना है कि एसबीआई चंपावत से बैंक को कैश न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को भुगतान करने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। बताया कि इस शाखा में दो हजार अध्यापकों के खाते हैं, इनके वेतन का भुगतान करने के लिए करीब एक करोड़ रुपए की आवश्यकता होती है। उन्होंने एक दिन पूर्व 20 लाख रुपए की डिमांड की थी, लेकिन बैंक को एक रुपया भी नहीं मिल पाया। अधिकांश बैंकों में कैश की उपलब्धता के आधार पर उपभोक्ताओं को भुगतान किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को महीने का पहला दिन होने के बावजूद भी अपेक्षाकृत उपभोक्ताओं की भीड़ कम रही। शाखा प्रबंधक डमर सिंह पतियाल ने बताया कि एक व्यक्ति को एक सप्ताह में अधिकतम 24 हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है। एटीएम से छोटे नोट न निकलने के कारण दो हजार रुपए से कम निकालने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
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चंपावत। वेतन वाले दिन कई कर्मियों ने बैंक का रूख किया, लेकिन कई कर्मियों को जरूरत के हिसाब से रकम नहीं मिली। जिला पंचायत के अभियंता प्रकाश चौधरी को एलआईसी के प्रीमियम के लिए 12750 रुपए चाहिए थे। उन्होंने बैंक से 13 हजार रुपए की मांग की, लेकिन उन्हें मात्र चार हजार मिले। वरिष्ठ कोषाधिकारी हेमेंद्र गंगवार ने बताया कि चंपावत ट्रेजरी में 2920 कर्मचारी और पेंशनर्स हैं, जिन्हें 8.9 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाता है। कर्मियों और पेंशनर्स की रकम उनके खाते में क्रेडिट कर दी गई है।
पीएनबी के शाखा प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया कि शाखा में उपलब्ध नगदी को देखते हुए आमतौर पर खाताधारक को 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। वहीं मत्स्यपालक नारायण राम और प्रेम राम को मजदूरों को भुगतान करने के लिए 17 हजार रुपए चाहिए थे, लेकिन बैंक से उन्हें 10 हजार ही मिल सके। पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक को भी कैश चेस्ट से 10 लाख रुपए ही दिए गए। वहीं मुख्यालय में 15 में से मात्र सात एटीएम ही बृहस्पतिवार को सुचारु हुए। एक को छोड़कर किसी में भी 100 का नोट नहीं था।
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जिला सहकारी बैंक में कैश की भारी कमी के चलते उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कैश की कमी के चलते दो हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है। प्रभारी शाखा प्रबंधक हिमांशु जोशी का कहना है कि एसबीआई चंपावत से बैंक को कैश न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को भुगतान करने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। बताया कि इस शाखा में दो हजार अध्यापकों के खाते हैं, इनके वेतन का भुगतान करने के लिए करीब एक करोड़ रुपए की आवश्यकता होती है। उन्होंने एक दिन पूर्व 20 लाख रुपए की डिमांड की थी, लेकिन बैंक को एक रुपया भी नहीं मिल पाया। अधिकांश बैंकों में कैश की उपलब्धता के आधार पर उपभोक्ताओं को भुगतान किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को महीने का पहला दिन होने के बावजूद भी अपेक्षाकृत उपभोक्ताओं की भीड़ कम रही। शाखा प्रबंधक डमर सिंह पतियाल ने बताया कि एक व्यक्ति को एक सप्ताह में अधिकतम 24 हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है। एटीएम से छोटे नोट न निकलने के कारण दो हजार रुपए से कम निकालने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
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चंपावत। वेतन वाले दिन कई कर्मियों ने बैंक का रूख किया, लेकिन कई कर्मियों को जरूरत के हिसाब से रकम नहीं मिली। जिला पंचायत के अभियंता प्रकाश चौधरी को एलआईसी के प्रीमियम के लिए 12750 रुपए चाहिए थे। उन्होंने बैंक से 13 हजार रुपए की मांग की, लेकिन उन्हें मात्र चार हजार मिले। वरिष्ठ कोषाधिकारी हेमेंद्र गंगवार ने बताया कि चंपावत ट्रेजरी में 2920 कर्मचारी और पेंशनर्स हैं, जिन्हें 8.9 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाता है। कर्मियों और पेंशनर्स की रकम उनके खाते में क्रेडिट कर दी गई है।