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सड़क की बदहाली से भड़के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूराे लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Sat, 02 Jun 2018 11:59 PM IST
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बाराकोट विकास खंड की बदहाल पड़ी गल्लागांव-देवलीमांफी सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
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बाराकोट विकासखंड में गल्लागांव-देवलीमांफी सड़क की बदहाली पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उन्होंने शीघ्र सड़क की दशा सुधारने और इसमें डामरीकरण करने की मांग की है। डामरीकरण न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
नौमाना के ग्राम प्रधान संजय जोशी, तड़ीगांव के हरीश राम, बैड़ाओड़ के बलदेव प्रसाद, ढडीगांव के प्रधान श्याम सिंह, शेखर तिवारी, सुनीता विश्वकर्मा, विनोद कुमार आदि का कहना है नौमाना, तड़ीगांव, इजड़ा, डोबाभागू, बमेड़ा, सेरी, डुंगरा, ढटीगांव, बसोडी, सिमलटुकरा, द्योली और पड़ासूसेरा गांव इस सड़क से जुड़े हैं। सड़क की हालत बदहाल होने के कारण
वाहन चालक जान हथेली में रखकर वाहनों का संचालन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क को सुधारीकरण के लिए काफी समय पहले विश्व बैंक को हस्तांतरित कर दिया गया था। अभी तक इस सड़क में निर्माण कार्य नहीं हो पाया। सड़क में जगह-जगह नालियां व कलमठ सड़क पर बने ज्यादातर कलमठ बंद हैं। थोड़ी सी बरसात में मलबा सड़क पर आने से यातायात बाधित हो जाता है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क पर डामरीकरण न होने, दीवार, कलमठ और नालियों में निर्माण न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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कोट
पूर्व में इस सड़क पर सुधारीकरण, डामरीकरण, गड्ढों को भरने के लिए विश्व बैंक को हस्तांतरित किया गया था। धन नहीं मिलने से यह कार्य लटका हुआ है। सड़क का रखरखाव लोनिवि कर रही है। डामरीकरण, सड़क सुधारीकरण के लिए आगणन शासन को भेजा गया है, अभी इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
चंद्रशेखर मुरारी, सहायक अभियंता, लोनिवि, लोहाघाट।
नौमाना के ग्राम प्रधान संजय जोशी, तड़ीगांव के हरीश राम, बैड़ाओड़ के बलदेव प्रसाद, ढडीगांव के प्रधान श्याम सिंह, शेखर तिवारी, सुनीता विश्वकर्मा, विनोद कुमार आदि का कहना है नौमाना, तड़ीगांव, इजड़ा, डोबाभागू, बमेड़ा, सेरी, डुंगरा, ढटीगांव, बसोडी, सिमलटुकरा, द्योली और पड़ासूसेरा गांव इस सड़क से जुड़े हैं। सड़क की हालत बदहाल होने के कारण
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वाहन चालक जान हथेली में रखकर वाहनों का संचालन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गल्लागांव-देवलीमाफी सड़क को सुधारीकरण के लिए काफी समय पहले विश्व बैंक को हस्तांतरित कर दिया गया था। अभी तक इस सड़क में निर्माण कार्य नहीं हो पाया। सड़क में जगह-जगह नालियां व कलमठ सड़क पर बने ज्यादातर कलमठ बंद हैं। थोड़ी सी बरसात में मलबा सड़क पर आने से यातायात बाधित हो जाता है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क पर डामरीकरण न होने, दीवार, कलमठ और नालियों में निर्माण न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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पूर्व में इस सड़क पर सुधारीकरण, डामरीकरण, गड्ढों को भरने के लिए विश्व बैंक को हस्तांतरित किया गया था। धन नहीं मिलने से यह कार्य लटका हुआ है। सड़क का रखरखाव लोनिवि कर रही है। डामरीकरण, सड़क सुधारीकरण के लिए आगणन शासन को भेजा गया है, अभी इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
चंद्रशेखर मुरारी, सहायक अभियंता, लोनिवि, लोहाघाट।