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मलबे के कारण दूसरे दिन भी रूट डायवर्ट

Fri, 15 Jun 2018 11:59 PM IST
चंपावत
चंपावत Updated Fri, 15 Jun 2018 11:59 PM IST
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route diverted Due to the debris
एनएच में बनलेख मुड़ियानी के बीच कीचड़ में फंसे वाहन - फोटो : अमर उजाला

बारहमासी सड़क निर्माण से लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बनलेख और मुड़ियानी के बीच हुए कीचड़ के चलते लगातार दूसरे दिन रूट डायवर्ट करना पड़ा। इस दौरान करीब आठ घंटे वाहनों की आवाजाही बनलेख-ललुवापानी मोटरमार्ग से हुई।

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प्रभारी कोतवाल एसएसआई जसबीर सिंह चौहान ने बताया कि शुक्रवार तड़के हुई बारिश से मुड़ियानी से बनलेख के बीच एक बार फिर कीचड़ हो गया। कीचड़ के कारण आवाजाही जोखिम भरी होने के कारण पुलिस प्रशासन को सुबह छह बजे से छोटे वाहनों की आवाजाही बनलेख-ललुवापानी मोटरमार्ग से डायवर्ट करनी पड़ी।
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 क्यों हो रहा है कीचड़
बारहमासी सड़क निर्माण के चलते बनलेख से मुड़ियानी के बीच दो किलोमीटर हिस्से में 18 कलमठ बनाए जा रहे हैं,  जिसका मलबा सड़क पर ही डाला जा रहा है। कमलठ से निकलने वाला मलबा सड़क पर फैल गया है। बारिश से यह मलबा कीचड़ में तब्दील हो रहा है।
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तय मय में शिवालया कंपनी ने नहीं हटाया मलबा
निर्माण कार्य करा रही शिवालया कंपनी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के इस हिस्से में फैले मलबे को दस जून तक हटाने का दावा किया था। बाद में कंपनी ने जिला प्रशासन से समय सीमा 15 जून तक बढ़ाने की गुहार लगाने की मांग की थी। अनुमति मिलने के बाद कंपनी ने दोबारा मलबा हटाना शुरू किया लेकिन अभी तक ये काम पूरा नहीं हो सका है। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने शुक्रवार तक मलबा साफ करने का दावा किया है।  

चमतोला में ट्रक फंसा, आवाजाही प्रभावित
करीब आठ किलोमीटर का बनलेख-ललुवापानी मोटरमार्ग में केवल छोटे वाहन ही चल सकते हैं। लेकिन, शुक्रवार को रूट डायवर्ट होने के कारण इस मार्ग पर बड़े वाहनों की भी आवाजाही हुई। इस दौरान चमतोला के पास नाली में ट्रक फंसने से कुछ देर के लिए आवाजाही प्रभावित हुई।


स्थानीय लोगों ने पैदल तय किया सफर  
चंपावत। कीचड़ के चलते रूट डायवर्ट होने के कारण धौन और बनलेख से चंपावत आने वाले यात्री मलबे भरे रास्ते को पार कर नौ किलोमीटर दूर चंपावत पैदल पहुंचे। धौन निवासी रमेश राम, नवीन राम, लक्ष्मी देवी, सावित्री देवी समेत तमाम स्थानीय लोगों का कहना था कि इस सड़क से छोटे वाहनों की आवाजाही बंद होने से पैदल जाना मजबूरी बन गया है।  
 

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