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आपदा, चुनाव, मौसम की मार से बेहाल है रोडवेज डिपो
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रोडवेज स्टेशन लोहाघाट से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने के तैयार बसें। संवाद
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज का लोहाघाट डिपो कर्मचारियों, बसों की भारी कमी से गुजर रहा है। आपदा, चुनाव, मौसम की मार के चलते डिपो लगातार घाटे में चल रहा है। इससे कर्मचारियों का वेतन निकालना चुनौती बना हुआ है। रोडवेज डिपो में वर्तमान में कुल 36 बसें हैं। सामान्य समय में प्रतिदिन 16 बस सेवाओं का संचालन दिल्ली, गुरुग्राम, देहरादून, बरेली, नैनीताल, हल्द्वानी, रुद्रपुर, नैनीताल, काशीपुर, ऋषिकेश आदि मार्गों पर संचालन होता है।
डिपो में करीब पांच बसें पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकी हैं। डिपो में 10 नई बसें हैं और 10 बसों की तात्कालिक आवश्यकता है। रोडवेज की आय कम होने से डिपो के 203 कर्मचारियों को दिसंबर से वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों को परिवार के भरण पोषण में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फरवरी के पहले पखवाड़े में बारिश, ठंड, मोटर मार्ग बंद होने से डिपो को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस दौरान डिपो की 75 लाख रुपये आय का अनुमान है, जबकि 50 लाख रुपये ही आय प्राप्त हुई है। डिपो में 10 नई बसों की डिमांड करीब छह माह पूर्व निगम प्रबंधन से की गई है लेकिन अभी तक एक भी बस नहीं मिल पाई है। - नरेंद्र कुमार गौतम, एजीएम, लोहाघाट डिपो।
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कार्यशाला में भी तकनीकी कर्मियों की भारी कमी
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज कार्यशाला तकनीकी कर्मियों की कमी से जूझ रही है। कार्यशाला में स्थायी कर्मी के रूप में फोरमैन और मैकेनिक कार्यरत हैं, जबकि वेल्डर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन आदि के 10 पद रिक्त हैं। आउटसोर्स कर्मियों से कार्य लिया जा रहा है। चालकों के 20 और परिचालकों के 10 पद भी लंबे समय से रिक्त हैं।
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डिपो में करीब पांच बसें पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकी हैं। डिपो में 10 नई बसें हैं और 10 बसों की तात्कालिक आवश्यकता है। रोडवेज की आय कम होने से डिपो के 203 कर्मचारियों को दिसंबर से वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों को परिवार के भरण पोषण में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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फरवरी के पहले पखवाड़े में बारिश, ठंड, मोटर मार्ग बंद होने से डिपो को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस दौरान डिपो की 75 लाख रुपये आय का अनुमान है, जबकि 50 लाख रुपये ही आय प्राप्त हुई है। डिपो में 10 नई बसों की डिमांड करीब छह माह पूर्व निगम प्रबंधन से की गई है लेकिन अभी तक एक भी बस नहीं मिल पाई है। - नरेंद्र कुमार गौतम, एजीएम, लोहाघाट डिपो।
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कार्यशाला में भी तकनीकी कर्मियों की भारी कमी
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज कार्यशाला तकनीकी कर्मियों की कमी से जूझ रही है। कार्यशाला में स्थायी कर्मी के रूप में फोरमैन और मैकेनिक कार्यरत हैं, जबकि वेल्डर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन आदि के 10 पद रिक्त हैं। आउटसोर्स कर्मियों से कार्य लिया जा रहा है। चालकों के 20 और परिचालकों के 10 पद भी लंबे समय से रिक्त हैं।