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रविवार सुबह से बंद सड़क नहीं खुली
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:44 PM IST
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टनकपुर के पूर्णागिरि मार्ग में ऊफनाया किरोड़ा नाला।
- फोटो : अमर उजाला
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दो दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने क्षेत्र में आफत बरसाई। टनकपुर-चंपावत राजमार्ग अमरूबैंड के साथ ही कई स्थानों पर भारी मलबा आने से सड़कें जगह-जगह बंद हो गईं हैं। एनएच बंद होने से रविवार से डेढ़ सौ से ज्यादा यात्री और वाहन सूखीढांग में फंसे हुए हैं।
टनकपुर और चंपावत दोनों ओर से सड़क बंद होने के कारण प्रशासन ने चल्थी पुलिस को फंसे यात्रियों की मदद के निर्देश दिए हैं। मलबा गिरने से जगह-जगह बंद सड़क के जल्द खुलने के आसार नहीं है।
सोमवार को दूसरे दिन भी टनकपुर से पहाड़ी मार्गों के लिए वाहनों का संचालन ठप रहा। अलबत्ता रोडवेज ने कुछ बसों को वाया हल्द्वानी, लोहाघाट और पिथौरागढ़ के लिए भेजा है।
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दोपहर बाद बारिश थमने पर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक सड़क नहीं खुली थी। इधर, बस्तिया के समीप हाल में निर्मित मार्ग का एक कॉजवे बरसाती पानी के बहाव सेे ध्वस्त हो गया है। शनिवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश सोमवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे थमी। दो दिनों तक लगातार हुई बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया।
अमरूबैंड के समीप भारी मलबा आने से टनकपुर-चंपावत राजमार्ग रविवार सुबह से ही बंद है। प्रशासन और कार्यदायी विभाग ने सड़क खोलने की कोशिश की, लेकिन तेज बारिश के चलते सड़क नहीं खोली जा सकी। सूखीढांग के समाजसेवी शंकर जोशी के मुताबिक रोडवेज की चार बसों के अलावा अन्य वाहनों से आए डेढ़ सौ से ज्यादा यात्री रविवार से सूखीढांग में फंसे हुए हैं।
एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल का कहना है कि मलबा आने से कई स्थानों पर मार्ग बंद हो गया है। जिसेे जल्द खोला जाना संभव नहीं है। दोनों ओर से सड़क बंद होने के कारण आपदा प्रबंधन टीम सूखीढांग तक नहीं जा पा रही है। चल्थी चौकी पुलिस को फंसे यात्रियों के लिए हर संभव व्यवस्था करने को कहा गया है। सोमवार दोपहर डेढ़ बजे बाद मौसम खुलने पर कार्यदायी विभाग और ठेकेदार कंपनी की टीम मलबा हटाने के काम में जुट गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक सड़क नहीं खुल पाई थी।
किरोड़ा में स्कूटी समेत बहा युवक, अग्निशमन कर्मियों ने बचाया
उफनाए किरोड़ा नाले को पार करते समय एक युवक स्कूटी के साथ बह गया। मौके पर तैनात अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने रेस्क्यू कर युवक को बचा लिया। नायकगोठ निवासी रोहित जोशी पुत्र महेश जोशी सोमवार सुबह स्कूटी से अपनी बहन को स्कूल छोड़कर लौट रहा था।
किरोड़ा नाले पर तैनात अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने रोहित से उफनाए नाले को पार करने से मना किया लेकिन वह नहीं माना और नाला पार करने की कोशिश करने लगा। तेज बहाव में वह बह गया।
उसे बहता देख वहां तैनात प्रभारी अग्निशमन अधिकारी श्याम सिंह के नेतृत्व में कर्मियों ने बीस मीटर दूर जाकर किसी तरह से रस्सी के मदद से बचाया। कर्मचारियों ने करीब पांच सौ मीटर तक बह चुकी युवक की स्कूटी (यूके 03 ए/3038) को भी बहने से बचा लिया। बचाव दल में कांस्टेबल गोविंद राम, राजू कुमार, प्रमोद सानू, त्रिभुवन प्रसाद आदि शामिल थे।
मझगांव में आई बाढ़, चार घरों में हुआ नुकसान
लगातार हो रही बारिश से बाढ़, और जगह जगह जलभराव के हालात पैदा हो गए। क्षेत्र के दूरस्थ मझगांव के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। चारों घरों को नुकसान हुआ है।
मझगांव में ग्रामीण फकीर सिंह, प्रेम बल्लभ, किशन जोशी, नीलम देवी आदि के घरों में पानी प्रवेश करने से घरों के अंदर रखा सामान खराब हो गया। अनाज खराब हो गया है।
निवर्तमान कृषि उत्पादन मंडी समिति उपाध्यक्ष जसवंत सिंह बसेड़ा, ग्रामप्रधान माला देवी, उपप्रधान कमला उप्रेती आदि ने प्रशासन से पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उधर आंबेडकर ग्राम फागपुर, चंदनी , भजनपुर, पचपकरिया, बमनपुरी, देशी फार्म, देवीपुरा आदि गांव के अलावा मीनाबाजार क्षेत्र में जलभराव के हालात बने रहे।
दूसरे दिन भी क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर बहने वाली हुड्डी नदी उफान पर रही। थानाध्यक्ष राजेश पांडेय रेस्क्यू दल के साथ क्षेत्र का जायजा लेते रहे। उन्होंने बाढ़ और जलभराव से किसी अप्रिय वारदात के होने से इंकार किया है।
क्षेत्र में हुई 89 एमएम वर्षा
बनबसा (चंपावत)। पिछले चौबीस घंटों में क्षेत्र में 89 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। अबतक बनबसा क्षेत्र में 1146 एमएम वर्षा हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष आज के दिन तक क्षेत्र में 1370 मिमी. वर्षा हो चुकी थी।
दूसरे दिन भी बढ़ा शारदा का जलस्तर
पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश से सोमवार को भी शारदा का जलस्तर बढ़ गया। जिससे यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स प्रशासन को बैराज पर रेड अलर्ट कर वाहनों का संचालन बंद करना पड़ा। इस दौरान भारत-नेपाल के बीच आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग बैराज की दूरी पैदल तय करने को विवश हुए।
पिछले दो दिनों से शारदा का जलस्तर बढ़ने से शारदा बैराज पर रेड अलर्ट कर वाहनों का संचालन रोक दिया गया। सोमवार सुबह पांच बजे फिर से नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ। बैराज अटैंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि पांच बजे नदी का जलस्तर एक लाख एक हजार क्यूसेक पहुंच गया, जो छह बजे 108000, सात बजे 112000, आठ बजे 104000, नौ बजे 105000, दस बजे 116000, ग्यारह बजे 114856, बारह बजे 115954, एक बजे 124390, दो बजे 126094 क्यूसेक पहुंच गया।
बता दें कि बीते दिवस रविवार को भी नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से बढ़ा रहा। शाम छह बजे शारदा का जलस्तर कम होने के साथ ही बैराज पर से आवागमन शुरू हुआ। जिससे बैराज के दोनो ओर फंसे वाहन गंतव्य तक निकल गए। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के बाद ही बैराज से वाहनों का संचालन शुरू हो पाएगा।
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टनकपुर और चंपावत दोनों ओर से सड़क बंद होने के कारण प्रशासन ने चल्थी पुलिस को फंसे यात्रियों की मदद के निर्देश दिए हैं। मलबा गिरने से जगह-जगह बंद सड़क के जल्द खुलने के आसार नहीं है।
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सोमवार को दूसरे दिन भी टनकपुर से पहाड़ी मार्गों के लिए वाहनों का संचालन ठप रहा। अलबत्ता रोडवेज ने कुछ बसों को वाया हल्द्वानी, लोहाघाट और पिथौरागढ़ के लिए भेजा है।
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दोपहर बाद बारिश थमने पर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक सड़क नहीं खुली थी। इधर, बस्तिया के समीप हाल में निर्मित मार्ग का एक कॉजवे बरसाती पानी के बहाव सेे ध्वस्त हो गया है। शनिवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश सोमवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे थमी। दो दिनों तक लगातार हुई बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया।
अमरूबैंड के समीप भारी मलबा आने से टनकपुर-चंपावत राजमार्ग रविवार सुबह से ही बंद है। प्रशासन और कार्यदायी विभाग ने सड़क खोलने की कोशिश की, लेकिन तेज बारिश के चलते सड़क नहीं खोली जा सकी। सूखीढांग के समाजसेवी शंकर जोशी के मुताबिक रोडवेज की चार बसों के अलावा अन्य वाहनों से आए डेढ़ सौ से ज्यादा यात्री रविवार से सूखीढांग में फंसे हुए हैं।
एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल का कहना है कि मलबा आने से कई स्थानों पर मार्ग बंद हो गया है। जिसेे जल्द खोला जाना संभव नहीं है। दोनों ओर से सड़क बंद होने के कारण आपदा प्रबंधन टीम सूखीढांग तक नहीं जा पा रही है। चल्थी चौकी पुलिस को फंसे यात्रियों के लिए हर संभव व्यवस्था करने को कहा गया है। सोमवार दोपहर डेढ़ बजे बाद मौसम खुलने पर कार्यदायी विभाग और ठेकेदार कंपनी की टीम मलबा हटाने के काम में जुट गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक सड़क नहीं खुल पाई थी।
किरोड़ा में स्कूटी समेत बहा युवक, अग्निशमन कर्मियों ने बचाया
उफनाए किरोड़ा नाले को पार करते समय एक युवक स्कूटी के साथ बह गया। मौके पर तैनात अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने रेस्क्यू कर युवक को बचा लिया। नायकगोठ निवासी रोहित जोशी पुत्र महेश जोशी सोमवार सुबह स्कूटी से अपनी बहन को स्कूल छोड़कर लौट रहा था।
किरोड़ा नाले पर तैनात अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने रोहित से उफनाए नाले को पार करने से मना किया लेकिन वह नहीं माना और नाला पार करने की कोशिश करने लगा। तेज बहाव में वह बह गया।
उसे बहता देख वहां तैनात प्रभारी अग्निशमन अधिकारी श्याम सिंह के नेतृत्व में कर्मियों ने बीस मीटर दूर जाकर किसी तरह से रस्सी के मदद से बचाया। कर्मचारियों ने करीब पांच सौ मीटर तक बह चुकी युवक की स्कूटी (यूके 03 ए/3038) को भी बहने से बचा लिया। बचाव दल में कांस्टेबल गोविंद राम, राजू कुमार, प्रमोद सानू, त्रिभुवन प्रसाद आदि शामिल थे।
मझगांव में आई बाढ़, चार घरों में हुआ नुकसान
लगातार हो रही बारिश से बाढ़, और जगह जगह जलभराव के हालात पैदा हो गए। क्षेत्र के दूरस्थ मझगांव के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। चारों घरों को नुकसान हुआ है।
मझगांव में ग्रामीण फकीर सिंह, प्रेम बल्लभ, किशन जोशी, नीलम देवी आदि के घरों में पानी प्रवेश करने से घरों के अंदर रखा सामान खराब हो गया। अनाज खराब हो गया है।
निवर्तमान कृषि उत्पादन मंडी समिति उपाध्यक्ष जसवंत सिंह बसेड़ा, ग्रामप्रधान माला देवी, उपप्रधान कमला उप्रेती आदि ने प्रशासन से पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उधर आंबेडकर ग्राम फागपुर, चंदनी , भजनपुर, पचपकरिया, बमनपुरी, देशी फार्म, देवीपुरा आदि गांव के अलावा मीनाबाजार क्षेत्र में जलभराव के हालात बने रहे।
दूसरे दिन भी क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर बहने वाली हुड्डी नदी उफान पर रही। थानाध्यक्ष राजेश पांडेय रेस्क्यू दल के साथ क्षेत्र का जायजा लेते रहे। उन्होंने बाढ़ और जलभराव से किसी अप्रिय वारदात के होने से इंकार किया है।
क्षेत्र में हुई 89 एमएम वर्षा
बनबसा (चंपावत)। पिछले चौबीस घंटों में क्षेत्र में 89 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। अबतक बनबसा क्षेत्र में 1146 एमएम वर्षा हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष आज के दिन तक क्षेत्र में 1370 मिमी. वर्षा हो चुकी थी।
दूसरे दिन भी बढ़ा शारदा का जलस्तर
पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश से सोमवार को भी शारदा का जलस्तर बढ़ गया। जिससे यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स प्रशासन को बैराज पर रेड अलर्ट कर वाहनों का संचालन बंद करना पड़ा। इस दौरान भारत-नेपाल के बीच आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग बैराज की दूरी पैदल तय करने को विवश हुए।
पिछले दो दिनों से शारदा का जलस्तर बढ़ने से शारदा बैराज पर रेड अलर्ट कर वाहनों का संचालन रोक दिया गया। सोमवार सुबह पांच बजे फिर से नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ। बैराज अटैंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि पांच बजे नदी का जलस्तर एक लाख एक हजार क्यूसेक पहुंच गया, जो छह बजे 108000, सात बजे 112000, आठ बजे 104000, नौ बजे 105000, दस बजे 116000, ग्यारह बजे 114856, बारह बजे 115954, एक बजे 124390, दो बजे 126094 क्यूसेक पहुंच गया।
बता दें कि बीते दिवस रविवार को भी नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से बढ़ा रहा। शाम छह बजे शारदा का जलस्तर कम होने के साथ ही बैराज पर से आवागमन शुरू हुआ। जिससे बैराज के दोनो ओर फंसे वाहन गंतव्य तक निकल गए। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के बाद ही बैराज से वाहनों का संचालन शुरू हो पाएगा।