फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   River is getting stagnant with dirt, not worth bathing

गंदगी से बजबजा रही है नदी, स्नान करने लायक नहीं

Sun, 11 Jun 2017 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Sun, 11 Jun 2017 10:37 PM IST
विज्ञापन
River is getting stagnant with dirt, not worth bathing
रीठा साहिब में फैली गंदगी - फोटो : अमर उजाला
 
विज्ञापन

रीठा साहिब के जोड़ मेले को संपन्न हुए तीन दिन हो गए हैं, लेकिन मेले के बाद गंदगी दूर करने को लेकर प्रशासनिक अमले ने पीठ फेर रखी है। लधिया व रतिया नदी के तट पर मलबे का ढेर लगा है, तो रीठा साहिब और आसपास भी गंदगी का अंबार है। गंदगी के चलते इलाके में मच्छर भी पनप रहे हैं।  प्रशासनिक लापरवाही से नाराज लोग ऐसी हालत में महामारी फैलने की आशंका जता रहे हैं।

रीठा साहिब में 7 जून से तीन दिन तक जोड़ मेला हुआ। मेले में विभिन्न स्थानों से हजारों तीर्थ यात्रियों ने शिरकत की। लेकिन मेले के बाद यहां गंदगी का अंबार है। जगह-जगह कूड़े के ढेर फैले हैं। रतिया व लधिया नदी के संगम पर मिट्टी और मलबा जमा हुआ है। रीठा साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह सहित यहां के लोगों का कहना है कि नदी इस कदर गंदगी से पट गई है कि इसमें स्नान करना भी मुमकिन नहीं है। नागरिकों ने जिला पंचायत से तुरंत सफाई करा गंदगी से निजात दिलाने की मांग की है। वहीं जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि क्षेत्र में सफाई के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन



बता दें कि सिखों के प्रसिद्ध जोड़ मेले से एक दिन पूर्व 6 जून को रीठा साहिब पहुंच ढेरों विभागों के अधिकारियों ने सफाई अभियान चलाया था। लेकिन अब गंदगी बढ़ने पर न कोई अभियान चल रहा है और न ही प्रशासन की ओर से गंदगी से निजात दिलाने के लिए कोई उपाय किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed