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Champawat News: कब्रिस्तान और चर्च की भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई
Fri, 19 Jan 2024 11:36 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 19 Jan 2024 11:36 PM IST
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लोहाघाट में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते इसाई समुदाय के लोग। संवाद
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लोहाघाट(चंपावत)। ईसाई समुदाय ने कब्रिस्तान और चर्च की भूमि से अतिक्रमण हटाने और कब्रिस्तान के लिए अलग भूमि देने की मांग उठाई है। इसके लिए उन्होंने एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया।
शुक्रवार को तहसीलदार विजय गोस्वामी को दिए ज्ञापन में कहा कि वह पुस्तैनी रूप से लोहाघाट में बसे हुए हैं। उनके कब्रिस्तान और चर्च की भूमि पर अतिक्रमण हो गया है। प्रशासन और सरकार से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके परिजनों में जब किसी की मौत हो जाती है तो शव को दफनाने के लिए चंपावत जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 में तक वह शव को एसएसबी कैंप के पास ही दफनाया करते थे। उन्होंने प्रशासन से एबटमाउंट में कब्रिस्तान के लिए जगह मांगी।
तहसीलदार ने बताया कि जीजीआईसी के पास सेरीगैर मार्ग में गिरिजाघर नाम से भूमि है। एसएसबी कैंप के पास अभिलेखों में कब्रिस्तान के नाम से 12 नाली चार मुठ्ठी भूमि दर्ज है। बाकायदा इसकी चहारदीवारी भी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान में छह नाली और छह नाली चार मुठ्ठी के दो चेक हैं। यह किस समुदाय की है यह स्पष्ट नहीं है। इस मौके पर जय प्रकाश, रेखा, अनीता, जागृति, आदेश, दीपक कुमार, सुरेश डेविड, आशा डेविड, निशा डेविड, मनीषा डेविड, सुमित डेविड, शांति, प्रदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को तहसीलदार विजय गोस्वामी को दिए ज्ञापन में कहा कि वह पुस्तैनी रूप से लोहाघाट में बसे हुए हैं। उनके कब्रिस्तान और चर्च की भूमि पर अतिक्रमण हो गया है। प्रशासन और सरकार से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके परिजनों में जब किसी की मौत हो जाती है तो शव को दफनाने के लिए चंपावत जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 में तक वह शव को एसएसबी कैंप के पास ही दफनाया करते थे। उन्होंने प्रशासन से एबटमाउंट में कब्रिस्तान के लिए जगह मांगी।
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तहसीलदार ने बताया कि जीजीआईसी के पास सेरीगैर मार्ग में गिरिजाघर नाम से भूमि है। एसएसबी कैंप के पास अभिलेखों में कब्रिस्तान के नाम से 12 नाली चार मुठ्ठी भूमि दर्ज है। बाकायदा इसकी चहारदीवारी भी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान में छह नाली और छह नाली चार मुठ्ठी के दो चेक हैं। यह किस समुदाय की है यह स्पष्ट नहीं है। इस मौके पर जय प्रकाश, रेखा, अनीता, जागृति, आदेश, दीपक कुमार, सुरेश डेविड, आशा डेविड, निशा डेविड, मनीषा डेविड, सुमित डेविड, शांति, प्रदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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