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इस बार 104 दिन चलेगा पूर्णागिरि मेला
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
Updated Fri, 12 Jan 2018 11:14 PM IST
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पूर्णागिरि मेले की तैयारी बैठक में उपस्थित लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्णागिरि मेला इस बार 104 दिन तक चलेगा। शुक्रवार को विधायक कैलाश गहतोड़ी की अध्यक्षता में हुई मेले की व्यवस्थाओं के निर्धारण को लेकर बैठक में यह निर्णय लिया गया है। मेले की अवधि 3 मार्च से 15 जून तक तय की गई है। बैठक में विधायक ने व्यवस्थाओं से जुड़े विभागों को यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि मेले के दौरान यातायात व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। बड़े वाहनों से आने वाले यात्रियों को इस बार तीन घंटे तक टनकपुर में रुकना होगा। यात्रियों से वाहनों का पार्किंग शुल्क भी अब एक ही जगह लिया जाएगा। प्रशासन ने इस बार निजी पार्किंग बनाने की छूट दी गई है।
बैठक में सबसे अधिक मेले की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। तय हुआ है कि भीड़ बढ़ने पर पूर्णागिरि मार्ग में जाम न लगे इसके लिए बसों व अन्य बड़े वाहनों से आने वाले यात्रियों को कम से कम तीन घंटे टनकपुर में रोका जाएगा।
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शहर के गांधी मैदान, बैराज मार्ग में वाहन पार्किंग बनेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। जिले में उपलब्ध पुलिस फोर्स के अलावा बाहरी जिलों से भी पर्याप्त पुलिस फोर्स मांगा जाएगा। स्नानाघाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त मात्रा में तैराक पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। समूचा मेला क्षेत्र सीसी कैमरों की नजर में रहेगा, जिसका कंट्रोल पुलिस के पास होगा। स्वच्छता व यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी शौचालयों के साथ ही मोबाइल शौचालय भी लगाए जाएंगे। जल संस्थान द्वारा जरूरी स्थानों पर टैंकरों से जलापूर्ति की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि मेला क्षेत्र में दो एलोपैथिक व एक आयुर्वेदिक चिकित्सा कैंप लगेगा। झूठा मंदिर से काली मंदिर तक डिवाइडर व भीड़ नियंत्रण के लिए चैनल गेटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सफाई व्यवस्था के लिए जिला पंचायत को पर्याप्त मात्रा में सफाई कर्मी तैनात करने, समूचे मेला क्षेत्र में समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करने को कहा गया है। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय, मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय, सीडीओ एसएस बिष्ट, एडीएम हेमंत वर्मा, एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल, एसडीएम अनिल चन्याल, सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, तहसीलदार पूनम पंत, लोनिवि के ईई डीडी भट्ट, परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट आदि मौजूद थे।
रेल सेवा के दृष्टिगत तय की हैं व्यवस्थाएं
टनकपुर। इस बार पूर्णागिरि मेले से पहले रेल सेवा शुरू होने से मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद का असर भी मेले की व्यवस्थाओं को लेकर हुई इस बैठक में दिखाई दिया। गौरतलब है कि बड़ी रेल लाइन निर्माण के चलते बीते एक साल से रेल सेवा बंद है, लेकिन मेला शुरू होने से पहले रेल सेवा शुरू होने से इस बार मेले में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेले की व्यवस्थाओं का निर्धारण किया गया है।
हर यात्री के पंजीकरण को लगेगा काउंटर
टनकपुर। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का सही पता लगाने को पहली बार यात्रियों की गिनती के लिए अलग काउंटर स्थापित किए जाने की पहल हुई है। तय हुआ है कि काउंटर लगाकर हर यात्री का पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए यात्रियों से न्यूनतम पंजीकरण शुल्क वसूला जाएगा।
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बैठक में बताया गया कि मेले के दौरान यातायात व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। बड़े वाहनों से आने वाले यात्रियों को इस बार तीन घंटे तक टनकपुर में रुकना होगा। यात्रियों से वाहनों का पार्किंग शुल्क भी अब एक ही जगह लिया जाएगा। प्रशासन ने इस बार निजी पार्किंग बनाने की छूट दी गई है।
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बैठक में सबसे अधिक मेले की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। तय हुआ है कि भीड़ बढ़ने पर पूर्णागिरि मार्ग में जाम न लगे इसके लिए बसों व अन्य बड़े वाहनों से आने वाले यात्रियों को कम से कम तीन घंटे टनकपुर में रोका जाएगा।
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शहर के गांधी मैदान, बैराज मार्ग में वाहन पार्किंग बनेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। जिले में उपलब्ध पुलिस फोर्स के अलावा बाहरी जिलों से भी पर्याप्त पुलिस फोर्स मांगा जाएगा। स्नानाघाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त मात्रा में तैराक पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। समूचा मेला क्षेत्र सीसी कैमरों की नजर में रहेगा, जिसका कंट्रोल पुलिस के पास होगा। स्वच्छता व यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी शौचालयों के साथ ही मोबाइल शौचालय भी लगाए जाएंगे। जल संस्थान द्वारा जरूरी स्थानों पर टैंकरों से जलापूर्ति की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि मेला क्षेत्र में दो एलोपैथिक व एक आयुर्वेदिक चिकित्सा कैंप लगेगा। झूठा मंदिर से काली मंदिर तक डिवाइडर व भीड़ नियंत्रण के लिए चैनल गेटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सफाई व्यवस्था के लिए जिला पंचायत को पर्याप्त मात्रा में सफाई कर्मी तैनात करने, समूचे मेला क्षेत्र में समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करने को कहा गया है। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय, मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय, सीडीओ एसएस बिष्ट, एडीएम हेमंत वर्मा, एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल, एसडीएम अनिल चन्याल, सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, तहसीलदार पूनम पंत, लोनिवि के ईई डीडी भट्ट, परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट आदि मौजूद थे।
रेल सेवा के दृष्टिगत तय की हैं व्यवस्थाएं
टनकपुर। इस बार पूर्णागिरि मेले से पहले रेल सेवा शुरू होने से मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद का असर भी मेले की व्यवस्थाओं को लेकर हुई इस बैठक में दिखाई दिया। गौरतलब है कि बड़ी रेल लाइन निर्माण के चलते बीते एक साल से रेल सेवा बंद है, लेकिन मेला शुरू होने से पहले रेल सेवा शुरू होने से इस बार मेले में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेले की व्यवस्थाओं का निर्धारण किया गया है।
हर यात्री के पंजीकरण को लगेगा काउंटर
टनकपुर। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का सही पता लगाने को पहली बार यात्रियों की गिनती के लिए अलग काउंटर स्थापित किए जाने की पहल हुई है। तय हुआ है कि काउंटर लगाकर हर यात्री का पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए यात्रियों से न्यूनतम पंजीकरण शुल्क वसूला जाएगा।