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प्राचार्य, दो प्रवक्ताओं के भरोसे चल रहा देवीधुरा का राजकीय महाविद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:42 PM IST
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जिला पंचायत के इसी डाक बंगले में संचालित होता है देवीधुरा का डिग्री कालेज।
- फोटो : अमर उजाला
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मां बाराही धाम देवीधुरा में तीन साल पहले खोला गया राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य, दो प्रवक्ताओं के भरोसे संचालित हो रहा है। महाविद्यालय का अपना भवन नहीं बन पाया है। इसका संचालन जिला पंचायत के सभागार में किया जा रहा है। कॉलेज में शिक्षकों की कमी और बैठने के लिए जगह का अभाव होने से युवाओं का बेहतर शिक्षा का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है।
देवीधुरा 2014 में राजकीय महाविद्यालय खुला। कॉलेज के खुलने के बाद यहां के विद्यार्थियों को इंटर के बाद पढ़ाई के लिए 40 किमी दूर लोहाघाट या अन्य जगह की दौड़ लगाने से निजात तो जरूर मिली। मगर इन तीन वर्षों में कॉलेज की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ सकी हैं। कॉलेज में छात्रों के बैठने के लिए कायदे का भवन तक नहीं है। जिला पंचायत के सभागार के दो हिस्सों में बांटकर कॉलेज की कक्षाएं चल रही हैं। इनमें से एक कक्षा का संचालन सभागार के बाहर खुले में किया जाता है। मां बाराही धाम देवीधुरा के मेला अवधि के दौरान यह सभागार भी पुलिस बल के आवास के रूप में प्रयुक्त किया जाता है। इस दौरान कॉलेज को बंद रखना कॉलेज प्रशासन की मजबूरी हो जाती है।
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कॉलेज में स्नातक में न विज्ञान है, न वाणिज्य। बस कला संकाय संचालित हो रहा है। उसमें भी हिंदी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र समेत छह विषय संचालित हो रहे हैं। इनमें प्रवक्ताओं की भारी कमी है। तीन अतिथि शिक्षकों को अनुबंध पूरा होने के बाद पिछले महीने तक यहां से बाहर कर दिया गया है। वर्तमान में 180 छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए महज दो प्रवक्ता हैं। समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र को छोड़कर बाकी सभी विषय बिना शिक्षकों के चल रहे हैं। कॉलेज में एक प्राचार्य, दो प्रवक्ता के अलावा एक कनिष्ठ सहायक, एक लिपिक, एक स्वच्छक, एक चौकीदार हैं। स्टाफ की कमी के बावजूद कॉलेज का परीक्षाफल 80 प्रतिशत से ज्यादा है।
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कनवाड़ में बन रहा कॉलेज
देवीधुरा राजकीय महाविद्यालय का भवन कनवाड़ में निर्माणाधीन है। 10.29 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस भवन का काम तेजी से चल रहा है। कॉलेज प्रशासन ने निर्माणाधीन भवन में से दो कक्षों को तैयार करने के कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए हैं। ताकि इसी वर्ष से इन कमरों में कक्षाएं चलाई जा सकी।
कोट..........
अतिथि शिक्षकों के अनुबंध का नवीनीकरण न होने से देवीधुरा कॉलेज में शिक्षकों की भारी कमी है। शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए पत्र भेजा गया है। फिर भी शिक्षकों की कमी के बावजूद हर विषय को पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. मदन मोहन जोशी, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय देवीधुरा।