फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Precious rural land is suffering

भूकटाव से नष्ट हो रही बेशकीमती ग्रामीण भूमि

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2020 10:57 PM IST
विज्ञापन
Precious rural land is suffering
टनकपुर में किरोड़ा नाले से हो रहा भूकटाव। - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र में वर्षा से उफनते नाले ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। बरसाती नदी, नालों से पहले से ही भूकटाव समस्या बनी है। पिछले ढाई दशकों में ग्रामीणों की कई बीघा भूमि भूकटाव की भेंट चढ़ चुकी है।
विज्ञापन

टनकपुर से पूर्णागिरि की ओर जाने वाले मार्ग किनारे के गांव थ्वालखेड़ा, खेतखेड़ा, गैंडाख्याली आदि क्षेत्र में उफनता किरोड़ा नाला किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है। इस नाले के उफान में आने से ग्रामीण तटबंध भूकटाव की भेंट चढ़ रहा है। समय रहते बाढ़ सुरक्षा कार्य न होने से ग्रामीण क्षेत्रों का अस्तित्व ही मिट जाएगा। किरोड़ा नाले के बहाव से खेतखेड़ा के ग्रामीण देवी दत्त पंत, चतुर सिंह, राजेंद्र कुमार, थ्वालखेड़ा के किसान कैलाश शर्मा, चंदन सिंह, केशव दत्त, खड़क सिंह, सुरेश चिल्कोटी, मोहन चंद, मदन सिंह आदि की कृषि भूमि तेजी कटाव की भेंट चढ़ रही है। थ्वालखेड़ा की प्रधान दीपा बोहरा ने प्रशासन से उक्त ग्रामों में हो रहा भूकटाव रोकने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed