फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Potato seed is not available, sowing hit

नहीं मिल रहा आलू का बीज, बुआई पर पड़ रही मार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 11:45 PM IST
विज्ञापन
Potato seed is not available, sowing hit
चंपावत में डीएचओ को ज्ञापन सौंपते ग्राम प्रधान संगठन के सदस्य। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। आलू की बुआई को लेकर किसानों का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। देवीधुरा क्षेत्र के काश्तकार बीज की उपलब्धता नहीं होने से बुआई नहीं कर पा रहे हैं। इससे नाराज क्षेत्र के ग्राम प्रधान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला उद्यान अधिकारी से मुलाकात कर अविलंब बीज उपलब्ध कराने की मांग की।
विज्ञापन

पाटी ब्लॉक के ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि पाटी क्षेत्र के वालिक, कन्वाड़, पखौटी, भैसर्क, ढरौच, देवीधुरा, बैरख, रिखोली आदि गांवों में जनवरी तक आलू की बुआई कर ली जाती थी। लेकिन इस बार फरवरी का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी बीज नहीं मिल सका। देरी की वजह से अब किसानों के साथ बुआई के लिए दिक्कत आ सकती है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख मदन सिंह बोहरा, टांण के प्रधान चंद्रशेखर आदि शामिल थे।
विज्ञापन

चंपावत जिले में आमतौर पर 1115 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती होती है। इसमें 11673 मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ। उद्यान विभाग ने जिले के लिए इस बार 583 क्विंटल बीज की मांग की थी। 405 क्विंटल ही आवंटन देने पर सहमति जताई गई थी। लेकिन यह बीज भी अभी नहीं पहुंच सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आलू के बीज के लिए उद्यान कर्मी को जनवरी में मदकोट भेजा गया था। लेकिन वहां से बीज नहीं मिला। अब उद्यान कर्मी को बीच के लिए काशीपुर भेजा गया है। उम्मीद है कि बुधवार तक बीज उपलब्ध हो जाएगा।
सतीश कुमार शर्मा,
डीएचओ, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed