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Champawat News: ऐपण शिल्प प्रशिक्षण से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की ओर कदम
Fri, 27 Jun 2025 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 27 Jun 2025 11:52 PM IST
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चंपावत/ लोहाघाट। एससीपी योजना के तहत 25 महिलाओं को ऐपण शिल्प में प्रशिक्षण देकर सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और स्वरोजगार को दिशा देने का काम शुरू हो गया है।
जिला उद्योग केंद्र चंपावत अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत ब्लॉक लोहाघाट में अनुसूचित जाति की 25 महिलाओं को मानदेय सहित 48 दिवसीय जीआई टैग प्राप्त ऐपण क्राफ्ट का प्रशिक्षण प्रदान दे रहा है। प्रशिक्षण प्रशिक्षित मास्टर क्राफ्ट्समैन दे रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को ऐपण शिल्प की पारंपरिक कला में दक्षता प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ना है। साथ ही यह पहल उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ऐपण कला के संरक्षण की दिशा में भी एक सराहनीय प्रयास है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं विभिन्न प्रकार के आकर्षक एवं व्यावसायिक सोवेनियर उत्पादों का निर्माण कर रही हैं।
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महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पंकज तिवारी ने बताया प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागी महिलाओं को जिला और राज्य स्तर पर आयोजित मेलों और प्रदर्शनियों में प्रतिभाग का अवसर प्रदान किया जाएगा। उनके उत्पादों को विपणन मंच मिल सके और स्थायी आय के साधन विकसित किए जा सकें, इसके लिए विपणन और ब्रांडिंग में भी आवश्यक सहयोग किया जाएगा।
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जिला उद्योग केंद्र चंपावत अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत ब्लॉक लोहाघाट में अनुसूचित जाति की 25 महिलाओं को मानदेय सहित 48 दिवसीय जीआई टैग प्राप्त ऐपण क्राफ्ट का प्रशिक्षण प्रदान दे रहा है। प्रशिक्षण प्रशिक्षित मास्टर क्राफ्ट्समैन दे रहे हैं।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को ऐपण शिल्प की पारंपरिक कला में दक्षता प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ना है। साथ ही यह पहल उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ऐपण कला के संरक्षण की दिशा में भी एक सराहनीय प्रयास है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं विभिन्न प्रकार के आकर्षक एवं व्यावसायिक सोवेनियर उत्पादों का निर्माण कर रही हैं।
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महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पंकज तिवारी ने बताया प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागी महिलाओं को जिला और राज्य स्तर पर आयोजित मेलों और प्रदर्शनियों में प्रतिभाग का अवसर प्रदान किया जाएगा। उनके उत्पादों को विपणन मंच मिल सके और स्थायी आय के साधन विकसित किए जा सकें, इसके लिए विपणन और ब्रांडिंग में भी आवश्यक सहयोग किया जाएगा।