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19 मार्च से शुरू हो सकता है पूर्णागिरि मेला
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मां पूर्णागिरि देवी की मूर्ति।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। होली बाद होने वाले मां पूर्णागिरि धाम के सरकारी मेले के 19 मार्च से शुरू होने की संभावना है। डीएम विनीत तोमर ने बुधवार को छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति कोरोना सहित तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मेले की समयावधि तय करेगी। माना जा रहा है कि दो साल बाद मेला तीन माह का हो सकता है।
कोरोना की वजह से बीते दो साल पूर्णागिरि मेला प्रभावित हुआ है। इस बार मेले की समयावधि तीन माह तक किए जाने की संभावना है। डीएम ने मेले की समयावधि पर निर्णय लेने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम टनकपुर हिमांशु कफल्टिया, मेलाधिकारी जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी, सीओ अविनाश वर्मा, सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ और मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी शामिल हैं। मेले को लेकर पेयजल, बिजली, मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं को 28 फरवरी तक पूरा करने की बात कही गई है।
छह जनवरी को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के मुख्य बिंदु
>> पूर्णागिरि मेले में आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को कोरोना के दोनों टीके लगे होने अनिवार्य होंगे।
>> काली मंदिर क्षेत्र में स्थायी सीसीटीवी की व्यवस्था होगी।
>> निजी वाहनों को बूम से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।
>> मेले का संचालन सुबह 5.30 बजे से रात आठ बजे तक होगा। रात को मेले का संचालन नहीं होगा।
>> मेला क्षेत्र में दो स्थानों (बूम और ठुलीगाड़) में पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे।
>> पॉलीथिन के उपयोग पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।
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कोरोना की वजह से बीते दो साल पूर्णागिरि मेला प्रभावित हुआ है। इस बार मेले की समयावधि तीन माह तक किए जाने की संभावना है। डीएम ने मेले की समयावधि पर निर्णय लेने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम टनकपुर हिमांशु कफल्टिया, मेलाधिकारी जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी, सीओ अविनाश वर्मा, सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ और मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी शामिल हैं। मेले को लेकर पेयजल, बिजली, मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं को 28 फरवरी तक पूरा करने की बात कही गई है।
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छह जनवरी को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के मुख्य बिंदु
>> पूर्णागिरि मेले में आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को कोरोना के दोनों टीके लगे होने अनिवार्य होंगे।
>> काली मंदिर क्षेत्र में स्थायी सीसीटीवी की व्यवस्था होगी।
>> निजी वाहनों को बूम से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।
>> मेले का संचालन सुबह 5.30 बजे से रात आठ बजे तक होगा। रात को मेले का संचालन नहीं होगा।
>> मेला क्षेत्र में दो स्थानों (बूम और ठुलीगाड़) में पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे।
>> पॉलीथिन के उपयोग पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।