फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Poor Narayani unable to reach home from hospital

अस्पताल से घर नहीं पहुंच सकी गरीब नारायणी

Sat, 27 May 2017 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Sat, 27 May 2017 11:05 PM IST
विज्ञापन
Poor Narayani unable to reach home from hospital
नारायण्‍ाी देवी फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है। दूरस्थ क्षेत्र खटोली की नारायणी देवी ने जिला अस्पताल से रेफर होने के कुछ ही घंटों बाद तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। गरीबी और विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी ने भी उसे मौत के मुंह में धकेल दिया।
जिला मुख्यालय से करीब 39 किमी दूर खटोली गांव के भवान सिंह बेहद गरीब हैं। उनके पास बीपीएल कार्ड तो है, लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड नहीं है। भवान की पत्नी नारायणी देवी (55) लंबे समय से दमा से पीड़ित थी। खटोली गांव के निवासी एवं छात्रसंघ उपाध्यक्ष प्रवीण सिंह ने बताया कि उनके भतीजे चंदन सिंह और कुलदीप सिंह के अलावा ग्रामीण ध्यान सिंह, जगदीश सिंह, तारा सिंह, राजेंद्र सिंह, पान सिंह और हरीश सिंह आदि ग्रामीणों ने नारायणी देवी के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग दिया, लेकिन खटीमा, हल्द्वानी, दिल्ली में इलाज कराने के बाद भी नारायणी ठीक नहीं हो सकी। थक हार कर भवान सिंह 29 अप्रैल को पत्नी को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए। भवान सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में नारायणी देवी की तबियत में कुछ सुधार हुआ, लेकिन 18 मई को जिला अस्पताल ने विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने की वजह से रेफर कर दिया गया। गरीबी से जूझ रहे भवान सिंह पत्नी को जिला अस्पताल से घर ले जाने लगे, लेकिन घर पहुंचने से 20 किलोमीटर पहले अमोड़ी में ही नारायणी देवी ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन



विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी
जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्साधीक्षक, विशेषज्ञ चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ समेत कुल 63 पद स्वीकृत हैं, लेकिन डॉक्टरों के 25 पदों में से 11 ही तैनात हैं। फिजीशियन, हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन, यूरोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग, ईएनटी, अस्थिरोग विशेषज्ञ के पद खाली है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन



नारायणी देवी दमा के साथ ही हृदय संबंधी रोग से भी पीड़ित थी। उन्हें ऑक्सीजन के सहारे रखा गया था। हृदय रोग और छाती रोग विशेषज्ञ नहीं होने से नारायणी देवी को रेफर करना मजबूरी था।
\-डॉ.आरके जोशी, मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed