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12 लोगों को पाबंद किया
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प्रतीकात्मक
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लोहाघाट के कलीगांव में निर्विरोध चुनी गई ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के बीच विवाद के चलते पुलिस ने दोनों पक्षों का धारा 107/16 में शांति भंग में चालान किया है। पुलिस की रिपोर्ट के बाद उप जिला मजिस्ट्रेट आरसी गौतम ने शनिवार को दोनों पक्षों के 12 लोगों को पाबंद किया। एसडीएम की कोर्ट में पेश होकर दोनों पक्षों ने शांति भंग नहीं करने को लेकर बंधपत्र भरे।
कलीगांव के ग्रामीणों ने फर्नहिल में निर्माणाधीन ट्रंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर पिछले माह आंदोलन करने के साथ पंचायत चुनाव के बहिष्कार का एलान किया था। चुनाव के नामांकन के दौरान गांव की रेखा पुजारी ने प्रधान पद पर नामांकन किया था और निर्विरोध ग्राम प्रधान चुनी गईं। नामांकन भरने से ग्रामीणों में नाराजगी थी।
गांव के लोगों ने ग्राम प्रधान और उन्हें समर्थन देने वाले लोगों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इस एलान के बाद प्रधान रेखा पुजारी ने गांव के 11 लोगों पर पर मानसिक रूप से परेशान करने आदि कई आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी और डीएम को ज्ञापन भेजा था। इसके बाद कलीगांव के ग्रामीणों ने भी प्रधान पर झूठे आरोपों में फंसाने का अंदेशा जताते हुए थाने में तहरीर दी और डीएम को ज्ञापन दिया था।
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ये था मामला
कलीगांव के ग्रामीणों ने फर्नहिल के निर्माणाधीन ट्रंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार का एलान किया था। इस स्थान पर सितंबर में आठ दिनों तक क्रमिक अनशन करने के साथ लोहाघाट नगर का कूड़ा ट्रंचिंग ग्राउंड में नहीं डालने दिया। इसी दौरान हुए चुनाव नामांकन में प्रधान पद पर रेखा पुजारी ने एकमात्र नामांकन किया। नामांकन होने से नाराज ग्रामीणों ने अनशन तो खत्म किया लेकिन 11 अक्तूबर को हुए मतदान का बहिष्कार किया। मतदान में कलीगांव के 869 वोटरों में से महज 9 ने ही वोट डाला। बाद में ग्रामीणों ने बैठक कर निर्विरोध चुनी गई प्रधान और वोट डालने वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया था।
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कलीगांव के ग्रामीणों ने फर्नहिल में निर्माणाधीन ट्रंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर पिछले माह आंदोलन करने के साथ पंचायत चुनाव के बहिष्कार का एलान किया था। चुनाव के नामांकन के दौरान गांव की रेखा पुजारी ने प्रधान पद पर नामांकन किया था और निर्विरोध ग्राम प्रधान चुनी गईं। नामांकन भरने से ग्रामीणों में नाराजगी थी।
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गांव के लोगों ने ग्राम प्रधान और उन्हें समर्थन देने वाले लोगों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इस एलान के बाद प्रधान रेखा पुजारी ने गांव के 11 लोगों पर पर मानसिक रूप से परेशान करने आदि कई आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी और डीएम को ज्ञापन भेजा था। इसके बाद कलीगांव के ग्रामीणों ने भी प्रधान पर झूठे आरोपों में फंसाने का अंदेशा जताते हुए थाने में तहरीर दी और डीएम को ज्ञापन दिया था।
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ये था मामला
कलीगांव के ग्रामीणों ने फर्नहिल के निर्माणाधीन ट्रंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार का एलान किया था। इस स्थान पर सितंबर में आठ दिनों तक क्रमिक अनशन करने के साथ लोहाघाट नगर का कूड़ा ट्रंचिंग ग्राउंड में नहीं डालने दिया। इसी दौरान हुए चुनाव नामांकन में प्रधान पद पर रेखा पुजारी ने एकमात्र नामांकन किया। नामांकन होने से नाराज ग्रामीणों ने अनशन तो खत्म किया लेकिन 11 अक्तूबर को हुए मतदान का बहिष्कार किया। मतदान में कलीगांव के 869 वोटरों में से महज 9 ने ही वोट डाला। बाद में ग्रामीणों ने बैठक कर निर्विरोध चुनी गई प्रधान और वोट डालने वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया था।