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जायका परियोजना:दस वन पंचायतों में लगेंगे अखरोट के 10050 पौधे
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वन विभाग जायका (उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन) परियोजना के तहत चंपावत जिले की दस वन पंचायतों में अखरोट की खेती को प्रोत्साहित करेगा। लोहाघाट, भिंगराड़ा और देवीधुरा क्षेत्र में इस साल दिसंबर में अखरोट के 10050 पौधे लगाए जाएंगे। इससे दस वन पंचायतों के 167 किसान और महिला स्वयं सहायता समूहों को लाभ होगा।
देवीधुरा, भिंगराड़ा और लोहाघाट रेंज के अंतर्गत हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना ने अखरोट विकास कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित दस वन पंचायतों के किसानों को परियोजना की तकनीकी जानकारी दी। परियोजना के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. नवीन नैनवाल ने अखरोट के पौधों को रोपने से पूर्व गड्ढों को तैयार करने, गोबर की खाद के मिश्रण आदि की जानकारी दी।
किसानों के लिए अखरोट के पौधे कश्मीर से मंगाए गए हैं। परियोजना के सलाहकार एसके सिंह और चंपावत के डीएफओ केएस बिष्ट ने कहा कि जायका परियोजना के जरिए हरियाली संवर्द्धन के साथ ग्रामीणों व महिलाओं की आजीविका में भी इजाफा होगा।
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परियोजना में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी एमएस सिमियां, रेंजर दीप जोशी, हिमालय सिंह टोलिया, परियोजना के विपणन विशेषज्ञ चतुर सिंह बोहरा, फील्ड समन्वयक विनोद सिंह, गोविंद सिंह, चंद्रशेखर भट्ट आदि थे।
इन वन पंचायतों में लगाए जाएंगे अखरोट विकास कार्यक्रम:
लोहाघाट वन क्षेत्र के ठांटा, फोर्ती, लोजनी, मंगलोली, रौसाल।
देवीधुरा वन क्षेत्र के वारी, कटना।
भिंगराड़ा रेंज: भिंगराड़ा, खेताल नरियाल, बिरगुल।
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देवीधुरा, भिंगराड़ा और लोहाघाट रेंज के अंतर्गत हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना ने अखरोट विकास कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित दस वन पंचायतों के किसानों को परियोजना की तकनीकी जानकारी दी। परियोजना के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. नवीन नैनवाल ने अखरोट के पौधों को रोपने से पूर्व गड्ढों को तैयार करने, गोबर की खाद के मिश्रण आदि की जानकारी दी।
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किसानों के लिए अखरोट के पौधे कश्मीर से मंगाए गए हैं। परियोजना के सलाहकार एसके सिंह और चंपावत के डीएफओ केएस बिष्ट ने कहा कि जायका परियोजना के जरिए हरियाली संवर्द्धन के साथ ग्रामीणों व महिलाओं की आजीविका में भी इजाफा होगा।
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परियोजना में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी एमएस सिमियां, रेंजर दीप जोशी, हिमालय सिंह टोलिया, परियोजना के विपणन विशेषज्ञ चतुर सिंह बोहरा, फील्ड समन्वयक विनोद सिंह, गोविंद सिंह, चंद्रशेखर भट्ट आदि थे।
इन वन पंचायतों में लगाए जाएंगे अखरोट विकास कार्यक्रम:
लोहाघाट वन क्षेत्र के ठांटा, फोर्ती, लोजनी, मंगलोली, रौसाल।
देवीधुरा वन क्षेत्र के वारी, कटना।
भिंगराड़ा रेंज: भिंगराड़ा, खेताल नरियाल, बिरगुल।