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Champawat News: लोगों का नजरिया असामान्य नहीं, बस शुरू में होता है कौतुहल

Sat, 12 Aug 2023 10:36 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Sat, 12 Aug 2023 10:36 PM IST
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People's attitude is not unusual, just curiosity in the beginning
बाए हाथ से लिखने वाले चंपावत के डीएम नवनीत पांडेय। संवाद
चंपावत। 2015 बैच के आईएएस अधिकारी चंपावत के जिलाधिकारी नवनीत पांडेय उन खास शख्सियतों में हैं, जो बाएं हाथ से लिखते हैं। प्रशासक के अलावा बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले क्रिकेटर भी हैं। ऐसा भी नहीं कि उनके परिवार या पहले की पीढ़ी में बाएं हाथ से लिखने वाले कोई और भी रहे हों। डीएम पांडेय बताते हैं कि वे जन्म से ही बाएं हाथ से लिखने-पढ़ने से लेकर अन्य तमाम गतिविधियां करते रहे हैं। बचपन में खाने के लिए भी बरबस बाएं हाथ की आदत थी। परिवार के समझाने बुझाने के बाद धीमे-धीमे भोजन की आदत दाहिने हाथ से हुई।
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डीएम कहते हैं कि बाएं हाथ से लिखने से समाज के नजरिए में कोई विपरीत बदलाव नहीं आता। लोग शुरू में हैरत भरी दृष्टि से जरूर देखते हैं बाद में सब सामान्य हो जाता है। बचपन में स्कूल में कुर्सी के साथ मेज न होने पर लिखने के लिए कुर्सी के ही दाहिनी तरफ छोटा सा मेज का आकर होता था। इससे जरूर असुविधा होती थी। लिखने की गति और लेख का बाएं या दाएं हाथ से कोई असर नहीं पड़ता। धार्मिक क्रियाओं में कुछ असहजता होती थी, जिसे विधान के अनुरूप करने के लिए अभ्यास करना पड़ा। संवाद
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बाएं हाथ से काम करते हैं सात प्रतिशत लोग
चंपावत। आमतौर पर व्यवहार में लोग बाएं हाथ या पांव को उल्टा हाथ-पांव कहते हैं। समाज की ये मान्यता यह बताने के लिए काफी है कि शरीर के बाएं अंग से काम करने वाले खासी कम संख्या में हैं। चंपावत जिले में बाएं हाथ से लिखते या क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस आदि खेलने वालों का कोई अधिकृत आंकड़ा नहीं है। विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यहां करीब सात प्रतिशत लोग इस श्रेणी में शामिल हैं। सिलाई मशीन, स्कूटी या बाइक के एक्सीलेटर सहित कई वाहन, उपकरण दाहिने हाथ वालों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं।
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कोट
मस्तिष्क के दो हिस्से होते हैं। बायां हिस्सा मुख्य रूप से भाषण और अमूर्त सोच और दाया भाग छवि प्रसंस्करण, स्थानिक सोच और शरीर के बाई ओर की गति के लिए जिम्मेदार है। जब दाया भाग अधिक सक्रिय होता है तो बाएं हाथ का उपयोग अधिक होता है। यह स्थिति जन्म से होती है। मानसिक क्षमता के कम या ज्यादा स्तर से इसका सीधा संबंध नहीं है।
डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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