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डोली में लोगों की जान, सरकार कब देगी ध्यान
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बुजुर्ग बीमार महिला को सल्लाकान से रीठा साहिब डोली में लाते ग्रामीण। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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रीठा साहिब (चंपावत)। सड़क की कमी बीमार लोगों को भी मुसीबत में डाल रही है। ऐसा ही वाकया बृहस्पतिवार को सामने आया। एक बीमार महिला को छह किलोमीटर डोली में लाने के बाद रीठा साहिब अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद महिला को हल्द्वानी रेफर किया गया।
परेवा ग्राम पंचायत के सल्लाकान की बंसती देवी (65) पत्नी स्वर्गीय पान सिंह की पिछले तीन दिन से तबियत खराब थी। खांसी, जुकाम, बुखार के चलते बृहस्पतिवार को बसंती को डोली के सहारे छह किमी पैदल चलकर रीठा साहिब लाया गया। एक निजी अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। छह किमी का पैदल फासला तय करने में करीब सवा दो घंटे लग गए। बलवंत सिंह, गोपाल सिंह, प्रकाश सिंह, मनोहर सिंह, ललित नाथ आदि ने डोली से सड़क तक पहुंचाने में मदद की।
सड़क की कमी बन रही मुसीबत
रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब के कई क्षेत्रों में सड़क नहीं होने से दुश्वारी बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने से लोगों की न केवल दिक्कतें बढ़ रही हैं बल्कि बुनियादी विकास भी नहीं हो पा रहा है। सुरेश सिंह परवाल, ज्ञान सिंह, जगदीश, भोला सिंह परवाल, मनोज सिंह, बालमनाथ आदि का कहना है कि यहां सल्लाकान, मुंगरोला, पुराना परेवा सड़क से कटा है। इन गांवों में सड़कों की कई बार मांग किए जाने के बावजूद कुछ नहीं होने से नाराज लोग इस बार चुनाव में सियासी दलों को सबक सीखाने की बात कह रहे हैं।
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परेवा ग्राम पंचायत के सल्लाकान की बंसती देवी (65) पत्नी स्वर्गीय पान सिंह की पिछले तीन दिन से तबियत खराब थी। खांसी, जुकाम, बुखार के चलते बृहस्पतिवार को बसंती को डोली के सहारे छह किमी पैदल चलकर रीठा साहिब लाया गया। एक निजी अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। छह किमी का पैदल फासला तय करने में करीब सवा दो घंटे लग गए। बलवंत सिंह, गोपाल सिंह, प्रकाश सिंह, मनोहर सिंह, ललित नाथ आदि ने डोली से सड़क तक पहुंचाने में मदद की।
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सड़क की कमी बन रही मुसीबत
रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब के कई क्षेत्रों में सड़क नहीं होने से दुश्वारी बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने से लोगों की न केवल दिक्कतें बढ़ रही हैं बल्कि बुनियादी विकास भी नहीं हो पा रहा है। सुरेश सिंह परवाल, ज्ञान सिंह, जगदीश, भोला सिंह परवाल, मनोज सिंह, बालमनाथ आदि का कहना है कि यहां सल्लाकान, मुंगरोला, पुराना परेवा सड़क से कटा है। इन गांवों में सड़कों की कई बार मांग किए जाने के बावजूद कुछ नहीं होने से नाराज लोग इस बार चुनाव में सियासी दलों को सबक सीखाने की बात कह रहे हैं।
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