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Champawat News: पिथौरागढ़ की चार, लोहाघाट डिपो की दो बसें हैं आॅनरोडि
Fri, 04 Oct 2024 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 04 Oct 2024 11:34 PM IST
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चंपावत। लोहाघाट और चंपावत के लोग रोडवेज की बसों के नियमित संचालन का इंतजार कर रहे हैं। दो दिन से पिथौरागढ़ और लोहाघाट रोडवेज डिपो छह बसों का संचालन कर रहा है, लेकिन इससे लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो करीब 20 बसों का संचालन करता है। इसमें अधिकांश बसें बाया चंपावत होकर जाती हैं, लेकिन ऑलवेदर सड़क पर डेंजर जोन स्वाला के कारण पिछले 12 सितंबर से एक अक्तूबर तक बसों का संचालन पूरी तरह बंद था। दिल्ली, देहरादून, बरेली जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
दो अक्तूबर से बसों के संचालन से थोड़ी छूट मिलने के बाद पिथौरागढ़ डिपो ने चार और लोहाघाट रोडवेज डिपो ने दो बसों का संचालन शुरू किया। इससे लोगों को थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन अभी भी उन्हें नियमित रूप से बसों के संचालन का इंतजार है।
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बापरू क्षेत्र निवासी नीता ने पहले पिथौरागढ़ से सुबह से ही बसों का आना होता था तो ऐसे में चंपावत, लोहाघाट जाना आसान रहता था। पिथौरागढ़ से आने वाली टैक्सियां भी भरी रहती हैं। उसे में सीट नहीं होती है। रोडवेज की बसों में आसानी से सीट मिल जाती थी। देहरादून, दिल्ली जाना आसान होता था।
बाराकोट निवासी अभिषेक ने बताया कि पहले एनएच से रोडवेज की बस आसान से मिल जाती थी, लेकिन अभी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। पहले किसी भी बस में बैठकर लंबी दूरी की यात्रा आसान रहती थी। अब तो बस छूट जाए तो यात्रा करना आसान नहीं हो रहा है। स्वाला में सुधार कार्य ठीक होता तो बड़ी राहत मिलती। संवादर
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पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो करीब 20 बसों का संचालन करता है। इसमें अधिकांश बसें बाया चंपावत होकर जाती हैं, लेकिन ऑलवेदर सड़क पर डेंजर जोन स्वाला के कारण पिछले 12 सितंबर से एक अक्तूबर तक बसों का संचालन पूरी तरह बंद था। दिल्ली, देहरादून, बरेली जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
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दो अक्तूबर से बसों के संचालन से थोड़ी छूट मिलने के बाद पिथौरागढ़ डिपो ने चार और लोहाघाट रोडवेज डिपो ने दो बसों का संचालन शुरू किया। इससे लोगों को थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन अभी भी उन्हें नियमित रूप से बसों के संचालन का इंतजार है।
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बापरू क्षेत्र निवासी नीता ने पहले पिथौरागढ़ से सुबह से ही बसों का आना होता था तो ऐसे में चंपावत, लोहाघाट जाना आसान रहता था। पिथौरागढ़ से आने वाली टैक्सियां भी भरी रहती हैं। उसे में सीट नहीं होती है। रोडवेज की बसों में आसानी से सीट मिल जाती थी। देहरादून, दिल्ली जाना आसान होता था।
बाराकोट निवासी अभिषेक ने बताया कि पहले एनएच से रोडवेज की बस आसान से मिल जाती थी, लेकिन अभी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। पहले किसी भी बस में बैठकर लंबी दूरी की यात्रा आसान रहती थी। अब तो बस छूट जाए तो यात्रा करना आसान नहीं हो रहा है। स्वाला में सुधार कार्य ठीक होता तो बड़ी राहत मिलती। संवादर