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कई दिन बाद अस्पताल पहुंचे डॉक्टर को घेरा
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Tue, 01 May 2018 11:26 PM IST
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भिंगराड़ा में अस्पताल के बाहर डॉक्टर को घेरते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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पाटी विकोसखंड के भिंगराड़ा का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) कई दिनों के बाद मंगलवार को खुला। अस्पताल में कई दिनों से ताला लटने से गुस्साए लोगों ने अस्पताल पहुंचे डॉक्टर का घेराव कर विरोध किया। चेतावनी दी कि अगर आगे से अस्पताल में कार्यदिवस पर ताले लटके तो जिला मुख्यालय में आंदोलन करेंगे।
2016 में खुले भिंगराड़ा के एपीएचसी में लंबे समय तक डॉक्टर की तैनाती नहीं थी। पिछले महीने यहां पूर्णकालिक डॉक्टर की तैनाती हुई। 23 अप्रैल से अस्पताल बंद पड़ा रहा। इससे भिंगराड़ा में लोग इलाज को तरस गए। मामूली इलाज के लिए भी यहां के लोगों को 50 किमी दूर लोहाघाट या पाटी जाने को मजबूर होना पड़ रहा था।
परेशानहाल ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान धर्मानंद भट्ट, पीएलवी उमेश भट्ट के नेतृत्व में मंगलवार को अस्पताल पहुंचे डॉ. यश का घेराव कर कई दिनों से अस्पताल के बंद होने पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने यहां के डॉक्टर को अन्यत्र संबद्ध नहीं करने, नियमित रूप से भिंगराड़ा में ही सेवा देने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में शेखर भट्ट, रमेश भट्ट, दीपक, शंकर, श्याम सिंह, दुर्गा, सुरेश, देवीदत्त भट्ट आदि शामिल थे।
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डॉक्टर की कमी से भिंगराड़ा के चिकित्सक को 23 अप्रैल से पाटी संबद्ध किया गया था। इसके चलते भिंगराड़ा के अस्पताल पर असर पड़ा। अब भिंगराड़ा के एपीएचसी के डॉक्टर को दूसरी जगह नहीं भेजा जाएगा। जरूरत पड़ने पर पाटी की व्यवस्था रीठा साहिब या दूसरे अस्पतालों के डॉक्टरों के जरिए की जाएगी।
- डॉ. आभाष सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पाटी।
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2016 में खुले भिंगराड़ा के एपीएचसी में लंबे समय तक डॉक्टर की तैनाती नहीं थी। पिछले महीने यहां पूर्णकालिक डॉक्टर की तैनाती हुई। 23 अप्रैल से अस्पताल बंद पड़ा रहा। इससे भिंगराड़ा में लोग इलाज को तरस गए। मामूली इलाज के लिए भी यहां के लोगों को 50 किमी दूर लोहाघाट या पाटी जाने को मजबूर होना पड़ रहा था।
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परेशानहाल ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान धर्मानंद भट्ट, पीएलवी उमेश भट्ट के नेतृत्व में मंगलवार को अस्पताल पहुंचे डॉ. यश का घेराव कर कई दिनों से अस्पताल के बंद होने पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने यहां के डॉक्टर को अन्यत्र संबद्ध नहीं करने, नियमित रूप से भिंगराड़ा में ही सेवा देने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में शेखर भट्ट, रमेश भट्ट, दीपक, शंकर, श्याम सिंह, दुर्गा, सुरेश, देवीदत्त भट्ट आदि शामिल थे।
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डॉक्टर की कमी से भिंगराड़ा के चिकित्सक को 23 अप्रैल से पाटी संबद्ध किया गया था। इसके चलते भिंगराड़ा के अस्पताल पर असर पड़ा। अब भिंगराड़ा के एपीएचसी के डॉक्टर को दूसरी जगह नहीं भेजा जाएगा। जरूरत पड़ने पर पाटी की व्यवस्था रीठा साहिब या दूसरे अस्पतालों के डॉक्टरों के जरिए की जाएगी।
- डॉ. आभाष सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पाटी।