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अफसरों ने तय की सुंई पऊ के विकास की योजनाएं

Thu, 04 Feb 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट Updated Thu, 04 Feb 2016 10:41 PM IST
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सुंई पऊ ग्राम पंचायत को मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना में शामिल करने के बाद बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय अधिकारियों ने गांव के समग्र विकास की पृष्ठभूमि तैयार की, जिसमें लोगों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ उन्हें खेत के माध्यम से रोजगार से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल की गई।

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नोडल अधिकारी परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में गांव के पात्रों को सभी योजनाओं से जोड़ने, गांव में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, हर व्यक्ति को शौचालय देने, विभिन्न पेंशनों से लाभान्वित करने, 80 फीसदी अनुदान पर कृषि यंत्र देने, पॉलीहाउस और बेमौसमी सब्जियों के जरिए प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया।
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नोडल अधिकारी ने गांव के आंगनबाड़ी केंद्र को मॉडल रूप देने, हर पात्र को एमएसबीवाई, नंदा देवी कन्याधन योजना, उरेडा के सोलर पैनल लगाने, सभी तोकों का विद्युतीकरण, सभी व्यक्तियों के राशनकार्ड एवं आधार कार्ड बनाने पर जोर दिया। इन सभी कार्यों की कार्ययोजना 23 फरवरी तक तैयार की जानी है। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से फसल और सब्जियों को हो रहे नुकसान, पेयजल समस्या, लोनिवि की ओर से अब तक सड़क का मुआवजा न देने, दूध का उचित मूल्य न मिलने जैसी तमाम समस्याएं उठाई, जिनके प्रस्ताव देने को कहा गया। बैठक में सीबीओ डा.पीएस भंडारी, समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी, पर्यटन अधिकारी आरएस नेगी, डीएसओ आरएस धामी, जल संस्थान के विशाल सक्सेना, स्वजल के एमके गर्ग, बीडीओ केएस नयाल, तहसीलदार नीलू चावला आदि थे। ग्राम प्रधान मनोज ओली ने गांव की जरूरतें बताईं।
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433 परिवारों के पास है शौचालय
1573 जनसंख्या वाले सुंई पऊ गांव में 485 परिवार हैं, जिसमें 240 एससी वर्ग के हैं। यहां 64 बीपीएल, 42 अंत्योदय परिवार हैं। 119 परिवार खाद्य सुरक्षा से जुड़े हैं। 433 परिवारों के पास शौचालय हैं तथा 52 शौचालय विहीन हैं। यहां के 44 लोग वृद्धावस्था, 6 लोग विकलांग पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। आठ महिला समूहों की ओर से दूध का उत्पादन किया जा रहा है। गांव में 220 लीटर दूध का उपार्जन हो रहा है, जिसे एक हजार लीटर करने का लक्ष्य रखा गया। गांव में 140.770 हेक्टेयर भूमि है, जो असिंचित है।

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