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चारपाई से आठ किमी मैराली लाए मरीज को तीन घंटे बाद मिली 108
उजाला ब्यूरो चंपावत।
Updated Wed, 26 Sep 2018 10:34 PM IST
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करौली-मैरोली पैदल मार्ग पर बीमार युवक को चारपाई के सहारे अस्पताल ले जाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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बुधवार को एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन की संवेदनहीनता सामने आई। पाटी की आपात सेवा 108 ने हाथ खड़े कर दिए। टायफाइड से पीड़ित रोगी को सड़क न होने के चलते लोग बड़ी मशक्कत से आठ किमी चारपाई पर ढोकर मैरोली तो ले आए मगर पाटी के 108 वाहन में डीजल नहीं होने के कारण रोगी को तीन घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा। काफी जद्दोजहद के बाद चंपावत से 108 सेवा भेजी गई। सुबह से निकले रोगी को शाम को अस्पताल पहुंचाया गया।
पाटी विकासखंड के सड़क से कटे करौली गांव का मनोज (27) पुत्र गोविंद राम तेज बुखार से पीड़ित था। बुधवार सुबह हरीश राम, दया राम, सुंदर राम, गंगा राम, गोविंद राम, पुष्कर राम, सुरेश राम, प्रकाश राम, दीपक राम आदि ने उसे करौली से करीब आठ किमी चारपाई के सहारे मैरोली पहुंचाया।
परिजनों ने करौली से ही सुबह नौ बजे 108 सेवा को कॉल किया मगर आपात सेवा 11 बजे तक मैरोली नहीं पहुंची। बाद में संपर्क करने पर पता चला कि पाटी की 108 सेवा में डीजल ही नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि काफी जद्दोजहद के बाद चंपावत से आपात सेवा बुलाई गई। इस पूरी कवायद में तीन घंटे से अधिक का वक्त लग गया। शाम चार बजे बाद मरीज को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस संवेदनहीनता के चलते मरीज के साथ ही अन्य लोगों को भी काफी परेशान होना पड़ा।
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पाटी की 108 सेवा में सिर्फ 20 किमी की दूरी तय करने के लिए डीजल था। इसके चलते इस सेवा को मैरोली नहीं भेजा गया। इसके स्थान पर चंपावत की आपात सेवा भेजी गई। अलबत्ता बुधवार शाम को पाटी की आपात सेवा में लोहाघाट के पेट्रोल पंप से डीजल की व्यवस्था करा ली गई है। जिले की पांचों आपात सेवा की डीजल पर दो लाख रुपये की देनदारी बाकी है। इसके भुगतान के लिए लगातार उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जा रहा है।
- रजत उनियाल, जिला समन्वयक, आपात सेवा 108, चंपावत।
स्वास्थ्य महानिदेशालय से 20 दिन पूर्व खत्म हुआ करार
आपात सेवा 108 को संचालित करने वाली संस्था इमरजेंसी मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (ईएमआरआई) और स्वास्थ्य महानिदेशालय के बीच करार (एमओयू) सात सितंबर को समाप्त हो गया है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि अब शासन और 108 के बीच छह महीने के लिए करार को आगे बढ़ाया गया है। इसके चलते 108 सेवा के लिए डीजल, मरम्मत और अन्य खर्च की व्यवस्था शासन से होगी।
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पाटी विकासखंड के सड़क से कटे करौली गांव का मनोज (27) पुत्र गोविंद राम तेज बुखार से पीड़ित था। बुधवार सुबह हरीश राम, दया राम, सुंदर राम, गंगा राम, गोविंद राम, पुष्कर राम, सुरेश राम, प्रकाश राम, दीपक राम आदि ने उसे करौली से करीब आठ किमी चारपाई के सहारे मैरोली पहुंचाया।
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परिजनों ने करौली से ही सुबह नौ बजे 108 सेवा को कॉल किया मगर आपात सेवा 11 बजे तक मैरोली नहीं पहुंची। बाद में संपर्क करने पर पता चला कि पाटी की 108 सेवा में डीजल ही नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि काफी जद्दोजहद के बाद चंपावत से आपात सेवा बुलाई गई। इस पूरी कवायद में तीन घंटे से अधिक का वक्त लग गया। शाम चार बजे बाद मरीज को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस संवेदनहीनता के चलते मरीज के साथ ही अन्य लोगों को भी काफी परेशान होना पड़ा।
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पाटी की 108 सेवा में सिर्फ 20 किमी की दूरी तय करने के लिए डीजल था। इसके चलते इस सेवा को मैरोली नहीं भेजा गया। इसके स्थान पर चंपावत की आपात सेवा भेजी गई। अलबत्ता बुधवार शाम को पाटी की आपात सेवा में लोहाघाट के पेट्रोल पंप से डीजल की व्यवस्था करा ली गई है। जिले की पांचों आपात सेवा की डीजल पर दो लाख रुपये की देनदारी बाकी है। इसके भुगतान के लिए लगातार उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जा रहा है।
- रजत उनियाल, जिला समन्वयक, आपात सेवा 108, चंपावत।
स्वास्थ्य महानिदेशालय से 20 दिन पूर्व खत्म हुआ करार
आपात सेवा 108 को संचालित करने वाली संस्था इमरजेंसी मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (ईएमआरआई) और स्वास्थ्य महानिदेशालय के बीच करार (एमओयू) सात सितंबर को समाप्त हो गया है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि अब शासन और 108 के बीच छह महीने के लिए करार को आगे बढ़ाया गया है। इसके चलते 108 सेवा के लिए डीजल, मरम्मत और अन्य खर्च की व्यवस्था शासन से होगी।