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बाढ़ नियंत्रण और भारत-नेपाल की समृद्धि के लिए लाभकारी है पंचेश्वर बांध:सुबेदी
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बनबसा एनएचपीसी में नेपाल के राजदूत राम प्रसाद सुबेदी (बीच में) दाहिने उनकी पत्नी एवं बाएं एनएचपीस
- फोटो : TANAKPUR
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बनबसा (चंपावत)। भारत में नेपाल के राजदूत रामप्रसाद सुबेदी का कहना है कि भारत-नेपाल सांस्कृतिक विरासत के साथ ही आस्था से भी जुड़े हैं। दोनों देशों की सीमा पर निर्माणाधीन पंचेश्वर बांध भारत-नेपाल के लिए लाभकारी होगा। यह दोनों देशों को जोड़ने का काम करेगा। पानी बेकार करने से अच्छा है कि पंचेश्वर बांध का निर्माण जल्द हो। बांध निर्माण से सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। बाढ़ नियंत्रण के साथ ही बिजली उत्पादन भी होगा।
एनएचपीसी के अतिथिगृह में हुई वार्ता में नेपाली राजदूत ने कहा कि पंचेश्वर बांध निर्माण के लिए डीपीआर तैयार है। कुछ मुद्दों का निपटारा होना है। उन्होंने कहा कि नदियों के पानी का समुचित उपयोग जरूरी है। उन्होंने टनकपुर पावर स्टेशन की सराहना की। कहा कि ऐसी ही परियोजनाएं दोनों देशों के लिए लाभकारी हैं। आपसी मैत्री पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों देश रोटी-बेटी के अलावा संस्कृति, खान-पान एवं आस्था से भी जुड़े हैं। गहरी दोस्ती में कभी कभार लहरें भी आ जाती हैं जो जल्द ही मिट जाती हैं।
उन्होंने पूर्णागिरि धाम को वैष्णो देवी के समकक्ष बता उसी तर्ज पर विकसित करने की बात कही। कहा कि भारत में मां पूर्णागिरि धाम एवं नेपाल में सिद्धनाथ बाबा के दर्शन एक-दूसरे देश को आस्था से जोड़ते हैं। उन्होंने मैत्री एवं तीर्थाटन के नाम पर नेपाल से भारत के बीच डग्गामार वाहनों के संचालन को गलत बताया। कहा कि विवाह के लिए भारत से नेपाल को सामान और उपहार ले जाने की छूट है।
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उन्होंने भारत से नेपाल को लगभग 10 हजार रुपये तक का दैनिक उपभोग का सामान बिलों के आधार पर आसानी से ले जाया जा सकता है, उस पर कस्टम/भंसार नहीं लिया जाना चाहिए। इससे पहले टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक राजीव सचदेवा ने भी उनका स्वागत किया।
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एनएचपीसी के अतिथिगृह में हुई वार्ता में नेपाली राजदूत ने कहा कि पंचेश्वर बांध निर्माण के लिए डीपीआर तैयार है। कुछ मुद्दों का निपटारा होना है। उन्होंने कहा कि नदियों के पानी का समुचित उपयोग जरूरी है। उन्होंने टनकपुर पावर स्टेशन की सराहना की। कहा कि ऐसी ही परियोजनाएं दोनों देशों के लिए लाभकारी हैं। आपसी मैत्री पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों देश रोटी-बेटी के अलावा संस्कृति, खान-पान एवं आस्था से भी जुड़े हैं। गहरी दोस्ती में कभी कभार लहरें भी आ जाती हैं जो जल्द ही मिट जाती हैं।
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उन्होंने पूर्णागिरि धाम को वैष्णो देवी के समकक्ष बता उसी तर्ज पर विकसित करने की बात कही। कहा कि भारत में मां पूर्णागिरि धाम एवं नेपाल में सिद्धनाथ बाबा के दर्शन एक-दूसरे देश को आस्था से जोड़ते हैं। उन्होंने मैत्री एवं तीर्थाटन के नाम पर नेपाल से भारत के बीच डग्गामार वाहनों के संचालन को गलत बताया। कहा कि विवाह के लिए भारत से नेपाल को सामान और उपहार ले जाने की छूट है।
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उन्होंने भारत से नेपाल को लगभग 10 हजार रुपये तक का दैनिक उपभोग का सामान बिलों के आधार पर आसानी से ले जाया जा सकता है, उस पर कस्टम/भंसार नहीं लिया जाना चाहिए। इससे पहले टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक राजीव सचदेवा ने भी उनका स्वागत किया।