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बारहमासी सड़क पर बाइपास का विरोध किया
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:01 PM IST
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लोहाघाट में बायपास निर्माण के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन देते के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान लोहाघाट में बनने वाले बाइपास सड़क निर्माण का विरोध जारी है। इस बाबत लोहाघाट के नागरिकों ने 13 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंच कर एसडीएम को ज्ञापन सौंप विरोध जताया। मांग पूरी न होने पर उन्होंने आंदोलन की भी चेतावनी दी।
लोहाघाट के कलीगांव समेत अन्य गांवों के ग्रामीणों ने सोमवार को प्रह्लाद सिंह मेहता के नेतृत्व में बारहमासी सड़क की नोडल अधिकारी एसडीएम सीमा विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि लोहाघाट में बाइपास सड़क निर्माण से बड़ी संख्या में कृषि भूमि, वन पंचायत की भूमि नष्ट होगी। हजारों पेड़ों का काटना पड़ेगा। साथ ही विभाग को भूमि, फलदार पेड़ों के मुआवजे के रूप में भारी-भरकम राशि चुकानी होगी।
ग्रामीणों का कहना था कि बाइपास बनने से वाहनों को नौ किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे बेवजह ईंधन की बर्बादी होगी। पांच ग्राम पंचायतों के पेयजल स्रोतों पर भी विपरीत असर पड़ेगा। बाइपास की जद में कई आवासीय भवन आ रहे हैं। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने एनएच के अधिकारियों के साथ शीघ्र ही बाइपास का स्थलीय निरीक्षण का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में प्रधान मदनराम, सुनील कुमार, भगवान सिंह, गिरीश सिंह, गोविंद सिंह, उम्मेद सिंह, जोगा सिंह, पूरन सिंह, लक्ष्मण सिंह, नारायण सिंह पुजारी शामिल थे।
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लोहाघाट के कलीगांव समेत अन्य गांवों के ग्रामीणों ने सोमवार को प्रह्लाद सिंह मेहता के नेतृत्व में बारहमासी सड़क की नोडल अधिकारी एसडीएम सीमा विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि लोहाघाट में बाइपास सड़क निर्माण से बड़ी संख्या में कृषि भूमि, वन पंचायत की भूमि नष्ट होगी। हजारों पेड़ों का काटना पड़ेगा। साथ ही विभाग को भूमि, फलदार पेड़ों के मुआवजे के रूप में भारी-भरकम राशि चुकानी होगी।
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ग्रामीणों का कहना था कि बाइपास बनने से वाहनों को नौ किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे बेवजह ईंधन की बर्बादी होगी। पांच ग्राम पंचायतों के पेयजल स्रोतों पर भी विपरीत असर पड़ेगा। बाइपास की जद में कई आवासीय भवन आ रहे हैं। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने एनएच के अधिकारियों के साथ शीघ्र ही बाइपास का स्थलीय निरीक्षण का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में प्रधान मदनराम, सुनील कुमार, भगवान सिंह, गिरीश सिंह, गोविंद सिंह, उम्मेद सिंह, जोगा सिंह, पूरन सिंह, लक्ष्मण सिंह, नारायण सिंह पुजारी शामिल थे।
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