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भिंगराड़ा में कल निकलने वाले डोले में सिर्फ दस लोग करेंगे शिरकत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2020 11:49 PM IST
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Only ten people will participate in the festival coming out in Bhingra tomorrow
भिंगराड़ा का एड़ी बालकृष्ण मंदिर। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भिंगराड़ा का तीन दिन प्रसिद्ध मेला नहीं होगा। सोमवार से सिर्फ सांकेतिक रूप से धार्मिक कार्यक्रम होंगे। ये निर्णय रविवार को अध्यक्ष मुकेश महराना की अध्यक्षता में हुई मंदिर समिति की बैठक में लिया गया।
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कोरोना महामारी के चलते अब मेले में भिंगराड़ा व खरही गांव से 11 अगस्त को एड़ी बालकृष्ण मंदिर तक आने वाले डोले में सिर्फ पुजारी, डंगरियों सहित कुल पांच-पांच लोग शामिल रहेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य तमाम दिशा-निर्देशों का पालन करने की बात कही गई है। मेले में सांस्कृतिक, कारोबारी और अन्य कार्यक्रम नहीं होंगे। धार्मिक रस्म को परंपरा को निभाने के लिए सिर्फ सांकेतिक रूप से किया जाएगा।
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मंदिर परिसर में सोमवार को रात्रि जागरण की रस्म भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ निभाई जाएगी। बाहर से आने वाले कारोबारियों पर भी प्रतिबंध रहेगा। भिंगराड़ा के इस नामी मेले में लधिया घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोग शिरकत करते थे। बैठक में तुलाराम भट्ट, रमेश भट्ट, धर्मानंद भट्ट, कृष्णानंद भट्ट, पुजारी कृष्णानंद जोशी, उमापति जोशी, मथुरादत्त, शेखर भट्ट, दीप चंद्र, दिनेश चंद्र, शिवदत्त सतीश चंद्र, टीकाराम शर्मा, शंकर शर्मा आदि मौजूद थे।
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लधिया क्षेत्र का प्रसिद्ध एड़ी बाल कृष्ण मंदिर में होने वाले तीन दिन मेले में सांस्कृतिक, कारोबारी व अन्य गतिविधियां नहीं होगी। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से पूजा-अर्चना की जाएगी। मंगलवार को दो गांवों से निकलने वाले डोले में भी पांच-पांच लोग ही शिरकत करेंगे।

मुकेश महराना,
अध्यक्ष, मंदिर समिति (09 सीपीटी 10पी)
नहीं होगा चंपावत का प्रसिद्ध फूलडोल मेला
चंपावत। कृष्ण जन्माष्टमी में होने वाला चंपावत का एतिहासिक फूलडोल मेला नहीं होगा। विकास साह की अध्यक्षता और कमल राय व अशोक वर्मा के संचालन में हुई बैठक में बताया गया कि चंपावत में शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। डोले की परिक्रमा नागनाथ मंदिर परिसर में ही होगी। पूजा-पाठ व अन्य धार्मिक गतिविधियां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए की जाएगी। इस मौके पर कौशल साह, भगवत सरण राय, नवीन वर्मा, सुदर्शन साह, बल्लू पलसाई, देवेंद्र वर्मा, पप्पू तड़ागी, मुक्तेश पचौली, सत्य वर्मा, कपिल खर्कवाल, मोहित चौली, गिरीश जोशी, राकेश बिष्ट, विनोद कुमार आदि मौजूद थे।
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