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एक किमी दूर गधेरों से पानी भर रहे हैं ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Sat, 12 May 2018 10:37 PM IST
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चंपावत के मौराड़ी गांव में गधेरे से पानी लाती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान एक सप्ताह पहले क्षतिग्रस्त हुई तालमे पेयजल योजना अब तक ठीक नहीं हो सकी है। इससे मौराड़ी ग्राम पंचायत के चार तोकों के ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर गधेरों से पानी ढोना पड़ रहा है। इसमें लोगों का अनावश्यक समय बर्बाद हो रहा है। पेयजल योजना ठीक नहीं करने पर ग्रामीणों ने अब कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
ग्रामीण मुरलीधर, भवानी दत्त, दुर्गादत्त और मोहन चंद्र ने बताया कि तालमे पेयजल योजना बारहमासी सड़क निर्माण के मलबे से तीन माह में दूसरी बार ध्वस्त हुई है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व मार्च महीने में योजना ध्वस्त हुई थी। तब भी विभाग द्वारा लंबे समय बाद ठीक किया था। बीते सात मई को यह पेयजल योजना फिर क्षतिग्रस्त हुई है। जिससे अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। इससे ग्राम पंचायत मौराड़ी के चार तोक द्वारलेख, लचोटा, तालमे और कोला के तकरीबन साठ परिवार पेयजल के लिए तरस रहे हैं।
ग्रामीण एक किमी. दूर कौला नौला और भजन खाल से पानी भर रहे हैं। 30 लीटर पानी भरने में एक घंटे का समय लग रहा है। इसमें अनावश्यक समय बर्बाद हो रहा है। हीरा देवी, हेमा देवी, बसंती देवी, हरू देवी, हरीश चंद्र, खिलानंद जोशी, त्रिलोमणी, भवानी देवी, खिमुली देवी आदि का कहना है कि यदि पेयजल लाइन को शीघ्र ठीक नहीं किया गया तो कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
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ग्रामीण मुरलीधर, भवानी दत्त, दुर्गादत्त और मोहन चंद्र ने बताया कि तालमे पेयजल योजना बारहमासी सड़क निर्माण के मलबे से तीन माह में दूसरी बार ध्वस्त हुई है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व मार्च महीने में योजना ध्वस्त हुई थी। तब भी विभाग द्वारा लंबे समय बाद ठीक किया था। बीते सात मई को यह पेयजल योजना फिर क्षतिग्रस्त हुई है। जिससे अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। इससे ग्राम पंचायत मौराड़ी के चार तोक द्वारलेख, लचोटा, तालमे और कोला के तकरीबन साठ परिवार पेयजल के लिए तरस रहे हैं।
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ग्रामीण एक किमी. दूर कौला नौला और भजन खाल से पानी भर रहे हैं। 30 लीटर पानी भरने में एक घंटे का समय लग रहा है। इसमें अनावश्यक समय बर्बाद हो रहा है। हीरा देवी, हेमा देवी, बसंती देवी, हरू देवी, हरीश चंद्र, खिलानंद जोशी, त्रिलोमणी, भवानी देवी, खिमुली देवी आदि का कहना है कि यदि पेयजल लाइन को शीघ्र ठीक नहीं किया गया तो कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
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